Cough Syrup Children Death: मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला 7 अक्टूबर को नागपुर पहुंचे ,वह नागपुर के सरकारी अस्पताल में पहुंचे जहां मध्य प्रदेश के बच्चों का इलाज चल रहा है ,मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा सहित कई अलग अलग जिलों में सिरप पीकर बीमार हुए कई बच्चों का नागपुर में इलाज चल रहा है।
प्रतीकात्मक फोटो (istock)
इसमें से अभी तक 20 बच्चों की मौत हो चुकी है, जब की 5 बच्चों का नागपुर के सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। स्थिति क्रिटिकल है, 2 बच्चों को कल और आज में नहीं बचाये जा सका हैं,सभी बच्चे यहीं लाये गये थे, सरकार इस मामले में सख्त है।
नागपुर पहुंचे मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि जो भी संभव होगा सरकार मदद करेगी,सिरप बनाने वाली कंपनी तमिलनाडु की है , कंपनी मालिक,डॉक्टर, FDA के अधिकारी सबके खिलाफ कार्यवाही की है। साथ ही 600 में 443 से अधिक सिरप की बोतल जमा की गई है इतना ही नहीं आशा वर्कर और आंगनवाड़ी सेविकाओं को घर घर शीशी जमा करने भेजा जा रहा है, कोई भी शीशी किसी के घर मे न रह पाये ।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी दुर्भाग्य पूर्ण है,जल्द ही और गिरफ्तारी होगी, जिस डॉक्टर ने दवाई लिखी थी उसकी गिरफ्तारी हो गई है,सरकार गहराई से जाँच कर रही है,डाक्टर जिसका मेडिकल शॉप है वही ये दवा prescribe क्यों कर रहा था, ये बात सामने आई है।
राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि हमने यहाँ अस्पताल में आकर जो बच्चे भर्ती हैं उनके परिवार वालों ढांढ़स बंधाया है और उनके इलाज में कोई कोताही न हो इसके लिए अधिकारी लगा रखे हैं और यही देखने के लिए मैं आया हूँ, कुल मिलाकर 20 बच्चों की डेथ हो चुकी है जो कफ सीरप तमिलनाडु से बनकर आया इसमें वहीँ से लापरवाही हुई है उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।
जिन डॉक्टर ने प्रिस्क्राइब किया था उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है जो जो कम्पनी की तरफ से लापरवाही हुई है उनपर भी जो चार्ज लगाए गये हैं उसमे दस साल से ज्यादा की सजा का प्रावधान है, छिंदवाड़ा जिले में ही 600 शीशी गयी हैं जिसमे से 460 लगभग रिकवर कर ली है बाकी की भी रिकवर की जाएंगी।
ये मानवता का विषय है राजनीति का नहीं है मासूम बच्चों की जिंदगी का विषय है वो अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी में भी हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे
