Assembly Election Results 2023 : चुनाव में हर एक वोट कीमती होता है। हार और जीत एक वोट तय कर देता है। कुछ वोटों से चुनाव हारने का गम बहुत पीड़ा देता है तो चंद वोटों से मिली जीत की खुशी को मापने का कोई पैमाना नहीं होता। पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मेघालय, नगालेंड और त्रिपुरा में 2 मार्च को विधानसभा चुनाव के नतीजे आए। इन नतीजों में तीनों ही राज्यों में ऐसे उम्मीदवार विजेता बने जिनका जीत का अंतर चंद वोटों का था। कुछ उम्मीदवार वोटों की गिनती के समय भारत और पाकिस्तान के मैच जैसा दबाव महसूस कर रहे थे। हारने वाले प्रत्याशियों को लंबे समय तक चुनाव आयोग की लाइन कि 'हर वोट जरूरी होता है' याद रहेगी। नगालैंड में एक उम्मीदवार ने केवल सात वोटों से जीत दर्ज की जबकि मेघायल में एक प्रत्याशी ने 10 वोटों के अंतर से विजेता बना।
नगालैंड, मेघालय और त्रिपुरा में कम वोटों से जीते कुछ प्रत्याशी।
मेघालय
- राजबाला सीट पर टीएमसी के उम्मीदवार डॉ. मिजानपुर रहमान काजी ने एनपीपी के एमडी अब्दुस सालेह को केवल 10 वोटों से हराया।
- सोहरा में पीडीएफ के गाविन मिग्वेल ने यूडीएफ के टिटोस्सटर वेल चाइन को 15 वोटों से हराया।
- डाडेंग्रे सीट पर टीएमसी की रूपा एम मराक की जीत का अंतर महज 18 वोटों का था। उन्होंने एनपीपी के जेम्स पांगसांग कोंगकाल संगमा को हराया।
त्रिपुरा
- जुबराजनगर सीट पर माकपा के सैलेंद्र चंद्र नाथ ने भाजपा की मलीना देबनाथ को 296 वोटों से हराया।
- जोलाईबाड़ी सीट पर आईपीएफट के शुक्ला चरन नाओटिया ने माकपा के देबेंद्र को 375 वोटों से हराया।
- माकपा के जितेंद्र चौधरी ने भाजपा के शंकर रॉय पर 396 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
नगालैंड
- वेस्टर्न अंगामी सीट पर एनडीपीपी की एस क्रुसे ने निर्दलीय उम्मीदवार के नाखरो को महज 7 वोटों के अंतर से हराया।
- फेक में एनपीएफ के कुझोलुजो नाइनू ने एनडीपीपी के कुपोता खेसोह को 48 वोटों से हराया।
- सुरुहुतो सीट पर कांग्रेस पार्टी के एस तोइहो येप्थो ने भाजपा के एच खेहोवी को 69 वोटों से हराया।
