Jammu Kashmir Students : ईरान से सुरक्षित निकालकर दिल्ली लाए गए स्टूटेंड्स बसों की बदइंतजामी पर जम्मू-कश्मीर सरकार से खफा हैं और उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है। छात्रों का कहना है कि दिल्ली से श्रीनगर जाने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने जो बसें उपलब्ध कराई हैं, वे पूरी तरह से 'खटारा' हैं और वे यात्रा करने लायक हैं। एक छात्रा ने कहा कि वे चार दिनों की यात्रा के बाद दिल्ली पहुंचे हैं। दिल्ली पहुंचने तक उन्हें कोई परेशान नहीं हुई लेकिन श्रीनगर जाने के लिए जो बसें आई हैं, वे ठीक नहीं हैं। इन बसों में उनकी सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
खस्ताहाल बसों पर भड़के जम्मू-कश्मीर के स्टूडेंट्स।
वहीं, स्टूडेंट्स का गुस्सा सामने आने पर राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला एक्शन में आए हैं। अपने एक ट्वीट में उमर ने कहा कि स्टूडेंट्स की शिकायत पर उन्होंने गौर किया है। उनकी समस्या दूर की जा रही है। अब अच्छी डीलक्स बसें भेजी जाएंगी। इसके लिए रेजिडेंट कमिश्नर को जेकेआरटीसी के साथ समन्वय कर डीलक्स बसें भेजने के लिए कहा है।
बसें खस्ताहाल, यात्रा करने लायक नहीं-छात्रा
ईरान के उर्मिया मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने वाली एक छात्रा ने कहा, 'उर्मिया से हमें सड़क मार्ग से अर्मेनिया लाया गया। फिर यहां से हम इंडिगो की प्लाइट से दोहा और फिर दिल्ली पहुंचे। हम यहां से कश्मीर जाने वाले हैं लेकिन हमारी इस यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने जो बसें भेजी हैं, वे खस्ताहाल और यात्रा करने लायक नहीं हैं। इनमें जानवर भी नहीं रह सकता। हमें सुबह चार बजे यहां बुला लिया लेकिन सरकार की तरफ से यहां कोई मौजूद नहीं था।'
'केंद्र सरकार ने हमारा पूरा ख्याल रखा'
छात्रा ने कहा, 'हमें कुछ पता नहीं है कि यहां से हमें कैसे जाना है। हम लोग यहां करीब 5 घंटे से खड़े हैं। इससे पहले हम लोग चार दिन की यात्रा के बाद यहां पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान हम सोए तक नहीं। दिल्ली तक आने में हमें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। पूरे रास्ते केंद्र सरकार ने हमारा ख्याल रखा। हमें कोई दिक्कत नहीं होने दी, इसके लिए हम केंद्र सरकार को धन्यवाद देते है्ं।
