कर्नाटक: 1985 के बाद किसी पार्टी को नहीं मिला लगातार जनादेश, समझिए राज्य का सियासी गणित

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 30, 2023, 12:25 PM IST

1985 के बाद से किसी भी राजनीतिक दल ने राज्य में लगातार जनादेश हासिल नहीं किया है और बीजेपी इस इतिहास को फिर से लिखने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है।

Karnataka elections: चुनाव आयोग की ओर से मतदान की तारीख और मतगणना की घोषणा के साथ ही कर्नाटक में चुनावी बिगुल बज गया है। इसी के साथ राज्य में सियासी गतिविधियों ने पूरी तरह जोर पकड़ लिया है। 10 मई को मतदान होगा और 13 मई को मतगणना होगी। यानि चुनाव में डेढ़ महीने से भी कम का वक्त बचा है। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि इस चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस की क्या स्थिति है।

karnataka elections 2023

कर्नाटक में चुनावी बिगुल बज गया है

चुनाव आयोग द्वारा कर्नाटक में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही चुनावी हलचल, विश्लेषण और कयासों का दौर शुरू हो गया है। क्या सत्तारूढ़ बीजेपी चार दशक पुराने इतिहास को दोहरा पाएगी या कांग्रेस अपने भगवा प्रतिद्वंद्वी को चुनौती देते हुए वापसी कर 2024 संसदीय चुनाव के लिए जरूरी दमखम हासिल कर सकेगी? क्या इस बार भी जेडीएस कांग्रेस के लिए अहम साबित होगी?

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