समुद्र में दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखना हो, नए हथियारों की क्षमता परखनी हो या फिर किसी आपदा के समय राहत अभियान चलाना हो भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए एक नया स्वदेशी जहाज बेड़े में शामिल हो गया है। इसका नाम है INS समर्थक। 16 अक्टूबर 2026 को भारतीय नौसेना में कमीशन हुआ यह जहाज कई मायनों में खास है। यह देश का पहला मल्टी-पर्पज वेसल यानी बहुउद्देशीय जहाज है और इसे भारतीय निजी शिपयार्ड L&T ने तैयार किया है।
INS समर्थक नौसेना में शामिल। (टाइम्स नाउ नवभारत।)
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन की मौजूदगी में हुए कमीशनिंग समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे। INS समर्थक का नौसेना में शामिल होना भारत की निजी रक्षा निर्माण क्षमता और स्वदेशी युद्धपोत निर्माण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
नए हथियारों और सेंसर की टेस्टिंग में आएगा काम
INS समर्थक की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ इसकी समुद्री ताकत नहीं, बल्कि इसकी बहुउद्देशीय भूमिका है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि नौसेना और भारतीय उद्योग द्वारा विकसित किए जा रहे नए सेंसर, हथियारों और दूसरी तकनीकों की जांच और परीक्षण के लिए इस्तेमाल किया जा सके। आसान भाषा में समझें तो यह जहाज समुद्र में एक ऐसे प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा, जहां नई तकनीकों को वास्तविक समुद्री परिस्थितियों में परखा जा सकेगा।इससे स्वदेशी हथियारों और सेंसर की क्षमता को समझने, उनकी कमियों को पहचानने और उन्हें ऑपरेशन के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी। ऐसे समय में जब समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं, नौसेना के लिए इस तरह का जहाज काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
75 फीसदी से ज्यादा स्वदेशी सामग्री
INS समर्थक में 75 फीसदी से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसका निर्माण L&T शिपयार्ड ने किया है। यह भारत के निजी शिपयार्ड में निर्मित अपनी श्रेणी का पहला जहाज है और इसे भारतीय नौसेना के स्वदेशी जहाज निर्माण अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
जहाज के निर्माण में मॉड्यूलर तकनीक और पहले से उपकरण फिट करने की प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया। इससे निर्माण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने और समय बचाने में मदद मिलती है। इस परियोजना से देश में रोजगार, तकनीकी कौशल और रक्षा उत्पादन से जुड़ी क्षमताओं को भी बढ़ावा मिला है।
