Ankita Bhandari Murder Case: कांग्रेस सेवादल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग करते हुए शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में 'कैंडल मार्च' निकाला और मामले की पारदर्शी, निष्पक्ष तथा समयबद्ध जांच की मांग की। मार्च में शामिल सेवादल के सदस्यों ने मोमबत्तियां जलाकर अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
इस मौके पर कांग्रेस सेवादल के प्रमुख श्रीनिवास बी.वी. ने हाल ही में सिक्किम के राज्यपाल नियुक्त किए गए दुष्यंत गौतम के खिलाफ लगे आरोपों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी विश्वसनीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसके पद या राजनीतिक प्रभाव के कारण कानून के दायरे से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।
श्रीनिवास ने कहा, ''अंकिता भंडारी को न्याय और उनके परिवार को जवाब मिलने चाहिए। मामले से जुड़े गंभीर सवालों और आरोपों की साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच तथा उचित कार्रवाई होनी चाहिए। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं हो सकता।''
श्रीनिवास ने 'एक्स' पर कैंडल मार्च का वीडियो शेयर करते हुए कहा, ''दिल्ली में कांग्रेस सेवादल का #JusticeForAnkitaBhandari कैंडल मार्च।''
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ऋषिकेश के निकट वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट रही 19 वर्षीय अंकिता की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को अदालत ने दोषी ठहराया था और तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अंकिता के माता-पिता का आरोप है कि इस हत्याकांड में जिस कथित ''वीआईपी'' की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वह गौतम हैं। 18 सितंबर 2022 में हुई इस हत्या के समय गौतम भाजपा की उत्तराखंड इकाई के प्रभारी थे। गौतम पहले ही अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर चुके हैं।
