Indore Water Crisis BJP Clash: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में जल संकट को लेकर बीजेपी के अंदर ही घमासान मच गया है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ के बीच जुबानी जंग खुलकर सामने आ गई है। जल संकट को लेकर बुलाई गई बैठक में कई विधायक और पार्षदों के नहीं पहुंचने पर विवाद गरमा गया है।
कैलाश विजयवर्गीय (फोटो साभार- TNN)
कैलाश विजयवर्गीय और मालिनी गौड़ आमने-सामने
दरअसल, गुरुवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जल संकट को लेकर इंदौर में एक अहम बैठक बुलाई थी। लेकिन इस बैठक में बीजेपी के ही कई विधायक और पार्षद नदारद रहे। इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने तंज कसते हुए कहा, "जो विधायक और पार्षद बैठक में नहीं पहुंचे, शायद उनके क्षेत्र में जल संकट नहीं होगा।" उनके इस बयान के बाद सियासत गरमा गई। इंदौर की वरिष्ठ विधायक मालिनी गौड़ ने इस पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, "जब हमारी कोई सुनवाई ही नहीं होती, तो हम बैठक में क्यों जाएं? बैठक में जाने का कोई मतलब नहीं है।"
मालिनी गौड़ ने किया पलटवार
मालिनी गौड़ ने कहा कि पूरे इंदौर में पानी की गंभीर समस्या है। कहीं गंदा पानी आ रहा है तो कहीं पानी आ ही नहीं रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार इस मुद्दे को उठाया है। विधायक मालिनी गौड़ ने कहा, "मैंने सीएस की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया, महापौर से भी कहा, जल कार्य समिति के अध्यक्ष बब्बू शर्मा जी के साथ अधिकारियों से भी मिली, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। मेरे विधानसभा क्षेत्र में नहर तालाब में पानी की टंकी बननी है, लेकिन आज तक डिस्ट्रीब्यूशन लाइन तक नहीं बिछी है।"
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें- CJI पर टिप्पणी कर फंस गए संजय राउत! मिल गया अवमानना का नोटिस, निखिल वागले का नाम भी शामिल
इंदौर बीजेपी में चल रही अंदरूनी कलह उजागर
उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ वही नहीं, कई अन्य विधायकों और पार्षदों के काम भी नहीं हो रहे हैं। लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा है। इसलिए बैठक में जाने से कोई फायदा नहीं। उन्होंने कहा कि अब वह इस मुद्दे को उचित मंच पर उठाएंगी। इस पूरे घटनाक्रम से इंदौर बीजेपी में चल रही अंदरूनी कलह एक बार फिर उजागर हो गई है। कांग्रेस भी इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर हमलावर है।
