IndiGo Crisis: इंडिगो एयरलाइंस का संकट लगातार जारी है और मंगलवार को भी कई उड़ानें रद्द हुईं। संकटग्रस्त एयरलाइन इंडिगो (IndiGo Crisis) ने मंगलवार को बेंगलुरु और हैदराबाद से लगभग 180 उड़ानें रद्द कर दीं। इंडिगो उड़ानों में रुकावट का सिलसिला लगातार आठवें दिन भी जारी है। सूत्रों ने बताया कि इंडिगो मंगलवार को हैदराबाद आने-जाने वाली 58 उड़ानें संचालित नहीं कर रही है। इनमें से 14 आगमन और 44 प्रस्थान वाली हैं। उन्होंने आगे बताया कि बेंगलुरु हवाई अड्डे पर रद्द उड़ानों की संख्या 121 रही, जिनमें से 58 आगमन और 63 प्रस्थान वाली हैं।
IndiGo संकट जारी (PTI)
इंडिगो के स्लॉट कम किए जाएंगे
इस बीच, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू द्वारा इंडिगो के स्लॉट निश्चित रूप से कम करने की घोषणा के बाद एयरलाइन के चालू शीतकालीन कार्यक्रम के दौरान अपने कुछ रूट अन्य घरेलू एयरलाइनों के लिए खोने की संभावना है। राहुल भाटिया द्वारा नियंत्रित एयरलाइन 90 से अधिक घरेलू गंतव्यों और 40 से अधिक विदेशी गंतव्यों से रोजाना 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित करती है।
नायडू ने सोमवार को डीडी न्यूज से कहा, हम निश्चित रूप से उन रूटों की संख्या कम करेंगे, जो इंडिगो के (शीतकालीन) शेड्यूल में हैं। इस संबंध में आदेश जारी किया जाएगा। यह एयरलाइन पर एक तरह का जुर्माना होगा, क्योंकि वे उन (कम किए गए) रूटों पर उड़ान नहीं भर पाएंगे।
अन्य एयरलाइनों को दिए जाएंगे रूट
उन्होंने कहा कि इंडिगो के शेड्यूल से जिन रूटों को कम किया जाएगा, उन्हें अन्य एयरलाइनों को दे दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि जब एयरलाइन उन्हें संचालित करने की क्षमता प्रदर्शित करेगी, तो उन्हें इंडिगो को वापस कर दिया जाएगा। गुरुग्राम स्थित एयरलाइन, जिसका भारत के कुल घरेलू यातायात में 65 प्रतिशत से अधिक का योगदान है, सोमवार को अकेले छह मेट्रो हवाई अड्डों से 560 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं।
अब तक 745 करोड़ रुपये रिफंड
नायडू ने दूरदर्शन समाचार चैनल से कहा, हम इंडिगो के रूट को कम करेंगे। वे अभी 2,200 उड़ानें संचालित कर रहे हैं। हम उन्हें निश्चित रूप से कम करेंगे। मंत्री ने यह भी बताया कि एक से आठ दिसंबर (शाम पांच बजे तक) तक रद्द किए गए 7,30,655 पीएनआर के लिए 745 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा 9,000 यात्रियों के बैगों में से 6,000 वापस किए जा चुके हैं और बाकी बैग आज रात या मंगलवार सुबह तक दे दिए जाएंगे।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और (आज की ताजा खबर) के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।
