भारत ने एक कनाडाई मंत्री की गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी पर सख्त प्रतिक्रिया जाहिर की है। भारत ने कनाडाई उच्चायोग के प्रतिनिधि को तलब कर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर दी है। एक कनाडाईमंत्री ने मंगलवार को आरोप लगाया कि अमित शाह ने कनाडा के भीतर सक्रिय सिख अलगाववादियों के खिलाफ हिंसा, धमकी और खुफिया अभियानों का अभियान चलाने का आदेश दिया है।
अमित शाह पर कनाडा ने लगाया है गंभीर आरोप
अमित शाह के खिलाफ क्या हैं आरोप
कनाडा के दो शीर्ष अधिकारियों द्वारा वाशिंगटन पोस्ट को यह जानकारी लीक करने की पुष्टि करने के कुछ दिनों बाद कि कनाडा में खालिस्तान अलगाववादियों को निशाना बनाने के अभियान के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हाथ है, भारत ने शनिवार को राजनयिक चैनलों के माध्यम से विरोध दर्ज कराया और आरोपों को "बेतुका और निराधार" करार दिया। नई दिल्ली ने कनाडा सरकार द्वारा "अपने अधिकारियों की ऑडियो और वीडियो निगरानी" का भी औपचारिक रूप से विरोध किया।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
विदेश मंत्रालय (एमईए) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को कहा, "हमने कल कनाडाई उच्चायोग के प्रतिनिधि को तलब किया था। 29 अक्टूबर, 2024 को ओटावा में सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर स्थायी समिति की कार्यवाही के संदर्भ में एक राजनयिक नोट सौंपा गया। नोट में यह बताया गया कि भारत सरकार उप मंत्री डेविड मॉरिसन द्वारा समिति के समक्ष भारत के केंद्रीय गृह मंत्री के लिए किए गए बेतुके और निराधार संदर्भों का सबसे कड़े शब्दों में विरोध करती है।"
भारत की चेतावनी
विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडा सरकार के अधिकारियों ने भारत को बदनाम करने और अन्य देशों को प्रभावित करने के लिए जानबूझकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया को बेबुनियाद आक्षेप लीक किए। इस तरह के गैरजिम्मेदाराना कृत्यों से द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा।
