Indus Waters Treaty: सिंधु जल संधि पर भारत का दो टूक जवाब, हेग कोर्ट के फैसले को किया खारिज; अदालत को क्यों बताया अवैध?

सिंधु जल संधि को लेकर भारत ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इस कोर्ट को ‘अवैध रूप से गठित’ बताते हुए कहा कि उसके फैसलों का भारत की कार्रवाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के अपने फैसले को भी दोहराया है।

Indus Waters Treaty: संधु जल संधि को लेकर वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता वाली कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को भारत ने खारिज कर दिया है। भारत ने कोर्ट को अवैध बताते हुए कहा कि इस मामले पर कोई सुनवाई उसके अधिकारी क्षेत्र में नहीं आता है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि CoA की ओर से दिए गए फैसलों का भारत की कार्रवाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के निर्णय को भी दोहराया है।

Indus Water Treaty

सिंधु जल संधि पर भारत ने ठुकराया हेग कोर्ट का फैसला। PTI

विदेश मंत्रालय ने इस कोर्ट को ही ‘अवैध रूप से गठित’ बताते हुए कहा कि उसे भारत के संप्रभु फैसलों पर आदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। दरअसल, 31 अगस्त 2026 को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने कहा कि सिंधु जल संधि अभी भी प्रभावी है और भारत की ओर से इसे निलंबित करने का कोई वैध आधार नहीं था।

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