यात्रीगण कृपया ध्यान दें! दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन तैयार, जींद-सोनीपत रूट पर भरेगी रफ्तार

Hydrogen Train: रेल मंत्रालय ने देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली 10 कोच की ट्रेन को जींद और सोनीपत रूट पर चलाने की मंजूरी दी है। यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से बिजली पैदा करेगी और इससे प्रदूषण नहीं होगा।

Hydrogen Train: भारत अब हरित और आधुनिक रेलवे तकनीक की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में रेल मंत्रालय ने देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली 10 कोच की डीएमयू ट्रेन को जींद और सोनीपत के बीच चलाने की मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेगी। खास बात यह है कि यह ट्रेन डीजल या पारंपरिक बिजली के बजाय हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलेगी, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचेगा। यह ट्रेन हाइड्रोजन (Bharat ki Pahli Hydrogen Train) ईंधन सेल की मदद से खुद बिजली पैदा करेगी। यानी इसमें अलग से डीजल इंजन की जरूरत नहीं होगी।

Hydrogen Train

दुनिया की सबसे लंबी ब्रॉड गेज हाइड्रोजन ट्रेन भारत में तैयार

ट्रेन में ‘डिस्ट्रीब्यूटेड पावर रोलिंग स्टॉक’ यानी DPRS तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस तकनीक में पूरी ट्रेन में बिजली की शक्ति बांटी जाती है, जबकि सामान्य ट्रेनों में पूरी ताकत एक ही इंजन में केंद्रित रहती है। इससे ट्रेन का प्रदर्शन बेहतर होता है और ऊर्जा का उपयोग भी अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। इस हाइड्रोजन ट्रेन में 1200-1200 किलोवाट क्षमता वाले दो ड्राइविंग पावर कार लगाए गए हैं। इस तरह ट्रेन की कुल क्षमता 2400 किलोवाट हो जाती है।

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