क्या लड़कियां हिजाब नहीं पहनेंगी तो आवारगी बढ़ेगी, ईरान में हिजाब के खिलाफ क्रांति, भारत में साजिश क्यों?

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  • Updated Oct 13, 2022, 08:21 PM IST

Rashtravad : हिजाब बैन को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट के इस फैसले के के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। फैसले में दोनों जजों की राय अलग-अलग होने की वजह से CJI से संवैधानिक बेंच के पास भेजने की अपील की गई है। उधर ईरान में हिजाब (Hijab) के खिलाफ क्रांति चल रही है तो भारत में हिजाब के लिए मौलानाओं की साजिश चल रही है?

KEY HIGHLIGHTS
  • हिजाब पर बंटे जज...'सुप्रीम सुनवाई' अभी बाकी है !
  • 'बेपर्दा होंगीं लड़कियां तो आवारगी बढ़ जाएगी'?
  • ईरान में 'हिजाब क्रांति'..हिंदुस्तान में 'हिजाबी साजिश'?

Rashtravad : हिजाब से जुड़ी तीन खबरों पर आज चर्चा हो रही है। पहली खबर- हिजाब (Hijab) पर सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की बेंच ने विभाजित फैसला दिया। एक जज ने हिजाब पहनने के पक्ष में और दूसरे जज ने इसके खिलाफ आदेश दिया। जिसके बाद दोनों जजों ने इस मामले को CJI से संवैधानिक बेंच के पास भेजने की अपील कर दी। - दूसरी खबर- समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा है कि हिजाब नहीं पहनने से समाज में आवारगी बढ़ेगी। माहौल खराब होंगे। तीसरी खबर- ईरान में हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन और तेज हो गया है। हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर गोलियां चलाई जा रही हैं।

तीनों खबरों को एक-एक कर देखेंगे, लेकिन सबसे पहले ये समझिए कि हिजाब विवाद का पूरा मामला क्या है और आज सुप्रीम कोर्ट ने इस पर क्या कहा ? कर्नाटक सरकार ने स्कूल-कॉलेज के अंदर हिजाब पर बैन लगाया था। इसके खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को कायम रखा था। यानी स्कूल-कॉलेज में क्लास रूम के अंदर हिजाब बैन कर दिया गया। कर्नाटक हाईकोर्ट के इस फैसले के के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। दो जज की बेंच जिसमें जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धूलिया थे, दोनों जज ने पूरे मामले को सुना और आज इस पर फैसला सुना दिया। लेकिन फैसले में दोनों जजों की राय अलग-अलग थी।

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