Shraddha Dubey: शिवा शर्मा मौत मामले में यूट्यूबर श्रद्धा दुबे की फरारी और फिर उसके अरेस्ट होने की कहानी बेहद दिलचस्प है। इन 10 दिनों में श्रद्धा ने 2200 किलोमीटर का सफर किया, 10 दिन की फरारी रही और अजनबियों के फोन से इंटरनेट किया, लेकिन आखिर में उसे नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान उसने सिम निकालकर फेंका, बुर्के में भी पहचान बदली। वह नेपाल से नागपुर तक लगातार लोकेशन बदलती रही, लेकिन कोई भी पैंतरा काम नहीं आया।
नागपुर में गिरफ्तार की गई शिव शर्मा हत्याकांड की आरोपी श्रद्धा दुबे।
सिम कार्ड निकालकर फेंक दिए
मोबाइल की लोकेशन ट्रेस न हो, इसलिए श्रद्धा ने सिम कार्ड निकालकर फेंक दिए। बातचीत के लिए फेसटाइम और व्हाट्सएप का इस्तेमाल किया। इंटरनेट चलाने के लिए राह चलते लोगों, रिक्शा चालकों और कैब ड्राइवरों के मोबाइल का सहारा लिया। श्रद्धा दुबे लोकल हॉटस्पॉट का इस्तेमाल करती थी। पुलिस आईपी एड्रेस के आधार पर कनेक्शन की पड़ताल करने लगी। हर बार लोकेशन तक पहुंचने पर पता चलता कि इंटरनेट इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति कोई रिक्शा चालक या कैब ड्राइवर है।
ड्राइवर के मोबाइल से इंटरनेट कनेक्शन लेते थे
तीनों जिस वाहन में सफर करते, उसी के ड्राइवर के मोबाइल से इंटरनेट कनेक्शन लेकर बातचीत करते थे। इससे जांच टीम बार-बार वास्तविक ठिकाने तक पहुंचने से चूकती रही। श्रद्धा को पकड़ने में सबसे अहम सुराग नागपुर ले जाने वाली कैब के चालक के मोबाइल से मिला। सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा ने उस मोबाइल के इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल किया था। कनेक्शन के सक्रिय होने और बीच-बीच में बंद होने के संकेतों के आधार पर पुलिस ने संबंधित रूट पर निगरानी बढ़ाई।
सुरागों का पीछा करते हुए नागपुर तक पहुंची पुलिस
फतेहपुर में लोकेशन मिलने के बाद प्रयागराज से एसटीएफ की टीम भी सक्रिय हुई। जांच टीम सुरागों का पीछा करते हुए नागपुर तक पहुंची। जब कैब चालक आरोपियों को छोड़कर वापस निकला, तो लखनऊ पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर नागपुर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इसी चालक की मदद से पुलिस श्रद्धा के फ्लैट तक पहुंची और 20 अक्तूबर को श्रद्धा, रश्मि और दानिश को गिरफ्तार कर लिया।
बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश के साथ गिरफ्तार
घटना के 10 दिनों तक लगातार फरार रहने के बाद, यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने श्रद्धा दुबे को उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश के साथ महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। वारदात के बाद से ही आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया था कि वे नेपाल बॉर्डर तक भी गए थे और इसके बाद लगातार पुलिस को चकमा देते हुए आगरा के रास्ते नागपुर छिपे हुए थे। गिरफ्तारी से ठीक पहले श्रद्धा लखनऊ आकर मीडिया के सामने भी आई थी।
9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक के परिवार ने श्रद्धा दुबे पर हत्या, मारपीट और ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
