कर्नाटक: कांग्रेस कैसे लागू करेगी 5 गारंटी का वादा, खजाने पर पड़ेगा 50 हजार करोड़ रुपये का बोझ

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 17, 2023, 06:21 PM IST

भाजपा के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कि इन गारंटी का कार्यान्वयन राज्य को वित्तीय दिवालिएपन में धकेल देगा और यह भी दावा किया है कि कांग्रेस अपने चुनाव-पूर्व वादों का पूरी तरह से सम्मान नहीं कर पाएगी।

Congress 5 Guarantee in Karnataka Election: कर्नाटक चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा किए गए पांच गारंटी के वादे को लागू करने से राज्य के खजाने पर हर साल करीब 50,000 करोड़ रुपये का भार पड़ सकता है। कल्याणकारी उपायों पर होने वाले खर्च को लेकर पार्टी के प्रमुख नेताओं ने जोर देकर कहा है कि कोई उन्हें मुफ्त उपहार नहीं कह सकता क्योंकि ये सशक्तीकरण के उपकरण हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 10 मई के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को शानदार जीत दिलाने में पांच गारंटी का खासा योगदान रहा है।

Karnataka Election

कांग्रेस कैसे लागू करेगी 5 गारंटी का वादा

सत्ता में आने के पहले दिन पांच गारंटी लागू करने का वादा

राज्य में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को हुए चुनाव में कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल करते हुए 135 सीटें अपने नाम कीं, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा नीत जनता दल (सेक्युलर) ने क्रमश: 66 और 19 सीटें जीतीं। कांग्रेस ने कर्नाटक में सत्ता में आने के पहले दिन पांच गारंटी लागू करने का वादा किया है। इन वादों में सभी घरों (गृह ज्योति) को 200 यूनिट मुफ्त बिजली, हर परिवार की महिला मुखिया (गृह लक्ष्मी) को 2,000 रुपये मासिक सहायता, गरीबी रेखा से नीचे के परिवार (अन्न भाग्य) के प्रत्येक सदस्य को 10 किलोग्राम मुफ्त चावल, बेरोजगार स्नातक युवाओं के लिए हर महीने 3,000 रुपये और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों (दोनों 18-25 आयु वर्ग में) को दो साल के लिए 1,500 रुपये (युवा निधि) और सार्वजनिक परिवहन बसों (शक्ति) में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा शामिल हैं।

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