गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम में किया संशोधन, बढ़ाई LG की शक्तियां

Jammu and Kashmir: गृह मंत्रालय ने उपराज्यपाल को अधिक शक्ति देने के लिए जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम में संशोधन किया। एमएचए ने जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 की धारा 55 के तहत संशोधित नियमों को अधिसूचित किया है।

KEY HIGHLIGHTS
  • जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम में केन्द्र सरकार ने किया संशोधन
  • गृह मंत्रालय ने बढ़ाई जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल की शक्तियां
  • इन नियमों को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर सरकार के कामकाज के नियम , 2024 कहा जा सकता है

Jammu and Kashmir: केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को भी दिल्ली जैसे संवैधानिक अधिकार देने की तैयारी कर ली है। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 में संशोधन किया है, जिससे पूर्ववर्ती राज्य के उपराज्यपाल की कुछ शक्तियां बढ़ गई हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019, (2019 का 34) की धारा 55 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नियम में संशोधन को अपनी मंज़ूरी दे दी है। राष्ट्रपति ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर सरकार के कामकाज के नियम, 2019 में संशोधन करने के लिए नियम बनाए। अधिसूचना में कहा गया है कि इन नियमों को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर सरकार के कामकाज के नियम , 2024 कहा जा सकता है।

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गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल की ताकत बढ़ाई

कई नियमों में किया गया बदलाव

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर सरकार के कामकाज के नियम, 2019 में कुछ नियम जोड़े गए हैं। जोड़े गए उप-नियम (2ए) के अनुसार, कोई भी प्रस्ताव जिसके लिए पुलिस, लोक व्यवस्था, अखिल भारतीय सेवा और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के संबंध में वित्त विभाग की पूर्व सहमति की आवश्यकता होती है, अधिनियम के तहत उपराज्यपाल के विवेक का प्रयोग करने के लिए तब तक सहमत या अस्वीकार नहीं किया जाएगा जब तक कि इसे मुख्य सचिव के माध्यम से उपराज्यपाल के समक्ष नहीं रखा जाता है।

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