IAF की ताकत बढ़ाने को 114 मल्टीरोल फाइटर जेट्स खरीदेगी सरकार, चीन के J-20 को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

  • Authored by: शिवानी शर्माEdited by: आलोक कुमार राव
  • Updated Feb 23, 2023, 02:03 PM IST

IAF squadron : हर साल चीन लगभग 125 जेट विमान अपनी वायुसेना में शामिल करने का प्लान बना रहा है। वहीं दूसरी तरफ चीन पाकिस्तान को भी हथियार और ड्रोन सप्लाई कर उसे मजबूत कर रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना ने 114 मल्टीरोल फाइटर जेट की खरीद की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है।

IAF squadron : चीन और पाकिस्तान की दोहरी चुनौती को देखते हुए भारतीय वायुसेना (IAF) मौजूदा स्थिति में अपनी फाइटर जेट्स की संख्या को बढ़ाने में जुट गई है। मौजूदा परिस्थितियों में भारतीय वायु सेना के पास 42 स्क्वाड्रन की संख्या होना जरूरी है, लेकिन फिलहाल इंडियन एयरफोर्स के पास महज 31 जेट्स की स्क्वाड्रन संख्या है। इस संख्या को बढ़ाना और भी ज्यादा इसलिए जरूरी है क्योंकि चीन लगातार J-20 जैसे आधुनिक विमानों की खरीद कर रहा है।

IAF

भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान धीरे-धीरे फेजआउट हो रहे हैं।

हर साल चीन लगभग 125 जेट विमान अपनी वायुसेना में शामिल करने का प्लान बना रहा है। वहीं दूसरी तरफ चीन पाकिस्तान को भी हथियार और ड्रोन सप्लाई कर उसे मजबूत कर रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना ने 114 मल्टीरोल फाइटर जेट की खरीद की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि अगले दशक के खत्म होने से पहले भारतीय वायुसेना के पास जरूरी फाइटर जेट्स की स्ट्रैंथ मौजूद होगी। 2035 तक भारत अपने फाइटर जेट की स्क्वाड्रन स्ट्रैंथ को पूरा करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।

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