दिल्ली में CJP के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, रवि किशन ने 'जेन Z' (आज की युवा पीढ़ी) की तारीफ की। उन्होंने युवाओं को देशभक्त और जागरूक बताया, जो देश का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। अभिनेता-राजनेता और गोरखपुर से BJP सांसद रवि किशन ने 'जेन Z' की तारीफ करते हुए उन्हें भारत की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में यही पीढ़ी देश का नेतृत्व करेगी। उनके ये बयान दिल्ली में वोट चोरी के आरोपों को लेकर CJP के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आए हैं।
मुंबई के 'खिड़कियां थिएटर फिल्म फेस्टिवल 2026' में, जहां वे बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ मौजूद थे, रवि किशन ने कहा, 'जेन Z इस देश की आत्मा है।' उन्होंने आगे कहा कि उन्हें इस युवा पीढ़ी में अपनी ही झलक दिखाई देती है।
मांग थी कि केंद्र सरकार जवाबदेही तय करे
6 जून को, CJP ने NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर से दिल्ली की सड़कों तक विरोध-प्रदर्शन शुरू किया। उनकी मांग थी कि केंद्र सरकार जवाबदेही तय करे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। आने वाले हफ्तों में यह आंदोलन और तेज हो गया, जो 20 जुलाई को संसद की ओर एक बड़े मार्च के रूप में सामने आया। यह दिन मानसून सत्र की शुरुआत का भी दिन था।
परीक्षा विवाद को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस बैरिकेडिंग,आंसू गैस और लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा।जुलाई भर यह दबाव बना रहा, और अंततः 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने विरोध-स्थल और पूरे देश के हालात का हवाला देते हुए यह कदम उठाया। उनके इस्तीफे को इस आंदोलन की एक बड़ी जीत माना गया, क्योंकि उनका इस्तीफा ही इस आंदोलन की मुख्य मांग थी।
CJP एक नई मांग के साथ फिर सड़कों पर उतरी
कुछ महीनों बाद, CJP एक नई मांग के साथ फिर सड़कों पर उतरी। इस बार उनका आंदोलन चुनावी गड़बड़ियों और मतदाता सूचियों के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के आरोपों पर केंद्रित था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वह चुनावी प्रक्रिया की शुचिता और निष्पक्षता को सुरक्षित रखने में विफल रहा है। इस नए लामबंदी (mobilisation) के चलते यह समूह वापस जंतर-मंतर और अन्य सार्वजनिक जगहों पर आ गया है। अब इनका ध्यान प्रवेश परीक्षा में जवाबदेही की मांग से हटकर, चुनावों में जवाबदेही की मांग की ओर चला गया है।
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CJP को युवाओं द्वारा संचालित एक दबाव समूह (pressure group) के रूप में देखा जाता है, जो युवा भारतीयों से जुड़े मुद्दों को उठाता है। हालाँकि, किशन ने 'जेन Z' (Gen Z) को CJP और उसके विरोध-प्रदर्शनों से अलग बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी का न तो इस समूह से और न ही 'जंतर-मंतर 2.0' आंदोलन से कोई लेना-देना है।
'जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हो रहा है, वह एक अलग ही दुनिया है'
रवि किशन ने कहा, 'दिल्ली के जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हो रहा है, वह एक अलग ही दुनिया है। 'जेन Z' का इससे कोई संबंध नहीं है। यह पीढ़ी देशभक्त है और देश के साथ खड़ी है। आने वाले समय में यही पीढ़ी देश चलाएगी।' दो बार के भाजपा सांसद ने लोगों से यह भी अपील की कि वे युवा भारतीयों पर अपने विचार न थोपें। उन्होंने कहा कि युवा पहले से ही काफी जागरूक हैं और अपनी राय खुद बनाने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, 'जेन Z' के लोग पहले से ही काफी जागरूक हैं। उन्हें बहुत सी बातें पता हैं। इसलिए, अगर कोई उन्हें कुछ सिखाने की कोशिश करता है, तो यह ठीक नहीं होगा।'
