Girija Vyas Passed Away: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास का गुरुवार को निधन हो गया। गिरिजा व्यास ने 79 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। हाल ही में उदयपुर स्थित अपने निवास में आरती के दौरान आग लगने की वजह से गिरिजा व्यास बुरी तरह से झुलस गई थीं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास का निधन
पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास का आज निधन हो गया। वह मार्च में उदयपुर स्थित अपने घर में आरती करते समय जल गई थीं। अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में गिरिजा व्यास का इलाज चल रहा था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री का पार्थिव शरीर अहमदाबाद से उदयपुर लाया जाएगा जहां उनका अंतिम संस्कार होगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय, प्रदेश और स्थानीय नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है।
अशोक गहलोत ने जताया दुख
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने पूर्व केंद्रीय मंत्री के निधन पर दुख जताया। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, ''पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ गिरिजा व्यास का निधन हम सबके लिए एक अपूरणीय क्षति है। डॉ गिरिजा व्यास ने शिक्षा, राजनीति एवं समाज सेवा के क्षेत्र में बड़ा योगदान था। उनका इस तरह एक हादसे का शिकार होकर असमय जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है। मैं ईश्वर से उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता हूं।''
कब और कैसे हुआ हादसा
गिरिजा व्यास उदयपुर स्थित अपने निज निवास पर 31 मार्च को गणगौर पूजा कर रही थीं। इसी दौरान चुन्नी में आग लग गई जिसकी वजह से वह 90 फीसद जल गईं। घर पर मौजूद एक कर्मचारी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया और बाद में उन्हें आगे के उपचार के लिए अहमदाबाद रेफर कर दिया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
उनके भाई गोपाल शर्मा ने बताया कि गुरुवार शाम अहमदाबाद के अस्पताल में उनका निधन हो गया और उनका शुक्रवार को उदयपुर में अंतिम संस्कार किया जाएगा। वह कांग्रेस की एक अहम नेता थीं। उन्होंने राज्य और केंद्र दोनों सरकारों में मंत्री के रूप में काम किया। वह प्रदेश कांग्रेस प्रमुख भी रहीं और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष भी रहीं।
कौन थीं डॉ गिरिजा व्यास?
डॉ. व्यास शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा और राजनीति के क्षेत्र में एक सशक्त और संवेदनशील आवाज रही हैं। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वरिष्ठ नेता थीं और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी थीं।
कांग्रेस पार्टी ने अपने शोक संदेश में कहा, "डॉ. गिरिजा व्यास का निधन भारतीय राजनीति में एक अपूरणीय क्षति है। देश की राजनीति के साथ ही शिक्षा एवं समाज सेवा में उनका अभूतपूर्व योगदान रहा है।"
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास के दुखद निधन की खबर सुनकर स्तब्ध हूं। युवा कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में उनके चुनावों में काम करने की यादें मेरे मन में हैं। उनकी कविता और उनकी राजनीति हमेशा पुरानी दुनिया के आकर्षण के लिए याद की जाएगी।
राजनीतिक जगत में शोक की लहर
राजस्थान कांग्रेस ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "डॉ. गिरिजा व्यास का इस तरह असमय जाना कांग्रेस के लिए बड़ा आघात है। उनका योगदान शिक्षा, राजनीति और समाजसेवा के क्षेत्र में सदैव याद रखा जाएगा।"
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भावुक होते हुए कहा, "गिरिजा व्यास जी का निधन मेरे और मेरे परिवार के लिए व्यक्तिगत क्षति है। लगभग 25 वर्ष पूर्व कांग्रेस पार्टी की औपचारिक सदस्यता मुझे उनके हस्ताक्षर से मिली थी। उनका स्नेह और मार्गदर्शन सदैव प्रेरणा देता रहेगा।"
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने कहा कि गिरिजा व्यास का निधन कांग्रेस परिवार की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने प्रदेश की प्रगति और महिलाओं के अधिकारों के लिए अमूल्य योगदान दिया।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, "गिरिजा जी न केवल प्रखर वक्ता और कुशल प्रशासक थीं, बल्कि उन्होंने महिलाओं और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर अविस्मरणीय कार्य किया। राजस्थान ने एक समर्पित नेता खो दिया।"
एक युवा कार्यकर्ता के रूप में उनके साथ काम करने की याद साझा करते हुए एक नेता ने सोशल मीडिया पर लिखा, "उनकी कविता और राजनीति में एक पुरानी दुनिया का आकर्षण था, जो अब स्मृतियों में ही रहेगा।"
उल्लेखनीय है कि डॉ. गिरिजा व्यास का निधन सिर्फ एक राजनीतिक शख्सियत के जाने की खबर नहीं है, बल्कि एक साहित्यप्रेमी, शिक्षाविद और समाजसेविका के अवसान की पीड़ा है। उनका जाना एक युग का अंत है।
