प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मितव्ययिता अपील के बाद कई राज्यों के मुख्यंत्रियों ने कदम उठाए हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अगले आदेश तक अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटा दी है। उत्तर प्रदेश में बड़े बदलाव किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से कहा कि ईंधन की खपत कम करने और अनावश्यक सोने की खरीद न करने की अपील की है।
पीएम मोदी ने नेताओं से अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करने की अपील की है।
MP सरकार - सीएम कारकेड घटाकर 8 वाहन, रैलियों पर रोक
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीएम मोदी की अपील पर अमल करते हुए अगले आदेश तक अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटा दी है. सीएम मोहन ने कैबिनेट बैठक के दौरान कैबिनेट के सदस्यों से राष्ट्रीय हित में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही मुख्यमंत्री के काफिले में जहां पहले 13 गाड़ियां होती थीं, उसे कम कर 8 गाड़ी कर दिया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि सीएम के दौरों के दौरान वाहन रैलियां भी आयोजित नहीं की जाएंगी। सभी मंत्री अपनी यात्राओं के दौरान कम से कम गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगे।
दिल्ली सरकार ने क्या लिया फैसला
दिल्ली सरकार ने इस संबंध में बड़ा फैसला लिया है। सीएम रेखा गुप्ता ने विभागीय कामकाज के लिए गाड़ियों की संख्या सीमित करने का फैसला लिया है। सभी कैबिनेट मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, दिल्ली सरकार के अधिकारी एवं सभी विभाग से आह्वान, आवश्यकता के अनुरूप कम से कम गाड़ियों का उपयोग करेंगे। साथ ही सभी लोग कार पूल और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें।
UP में CM- मंत्रियों की फ्लीट में कमी
उत्तर प्रदेश में बड़े बदलाव किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से कहा कि ईंधन की खपत कम करें और अनावश्यक सोने की खरीद न करें। उन्होंने मुख्य सचिव, डीजीपी और सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव की बैठक में निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों की फ्लीट में तत्काल 50 फीसदी की कमी की जाए। काफिले से अनावश्यक गाड़ियों को हटाया जाए। सीएम योगी ने प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को भी प्राथमिकता देने की अपील की। सीएम योगी ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि हफ्ते में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। हफ्ते में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अधिकतम उपयोग की अपील
इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के छात्रों समेत समाज के अलग-अलग वर्गों को भी जोड़ा जाए. साथ ही उन्होंने सरकारी भवनों, घरों, निजी प्रतिष्ठानों आदि में अनावश्यक बिजली में कमी लाने की बात कही. निजी प्रतिष्ठानों और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स समेत कई जगहों पर रा10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का कम इस्तेमाल हो। वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने और सरकारी बैठकों, सेमिनारों व कॉन्फ्रेंस को वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने पीएनजी, मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अधिकतम उपयोग की अपील की और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने को कहा। राज्य में सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे मनाने, जनप्रतिनिधियों को सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपयोग करने और ईंधन खपत घटाने की अपील भी की गई। औद्योगिक इकाइयों, स्कूल-कॉलेजों और बड़े संस्थानों में वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। वहीं बिजली बचत, साइक्लिंग, कारपूलिंग, ईवी उपयोग और रात में अनावश्यक लाइटिंग कम करने पर भी जोर है.
पर्यटन और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ विदेशी यात्राओं में कटौती और देश में डेस्टिनेशन वेडिंग को प्रोत्साहन देने की भी अपील की गई है।
गुजरात: राज्यपाल ने छोड़ी हवाई यात्रा, ट्रेन-बस से करेंगे सफर
गुजरात में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्रधानमंत्री की अपील के बाद बड़ा प्रशासनिक और प्रतीकात्मक फैसला लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि देश में पेट्रोलियम स्थिति सामान्य होने तक वे किसी भी आधिकारिक कार्यक्रम के लिए हवाई जहाज या हेलीकॉप्टर का उपयोग नहीं करेंगे। इसके बजाय वे ट्रेन, राज्य परिवहन बस और अन्य सार्वजनिक साधनों से यात्रा करेंगे। इसके साथ ही राज्यपाल ने अपने सुरक्षा काफिले को भी न्यूनतम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ईंधन की बचत सुनिश्चित हो सके. लोकभवन में आयोजित बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह कदम प्रधानमंत्री के 'आर्थिक आत्मरक्षा' संदेश को जमीन पर लागू करने का हिस्सा है। इस फैसले के जरिए प्रशासनिक सादगी और सार्वजनिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश दिया गया है।
