IAF को हर साल चाहिए 40 फाइटर जेट, तेजस की देरी पर एयर चीफ बोले- नुकसान हो रहा है

94वें वायुसेना दिवस से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि वायुसेना को अगले कुछ वर्षों तक हर साल कम से कम 36 से 40 लड़ाकू विमानों की जरूरत है, ताकि मौजूदा कमी को रोका जा सके और लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या फिर बढ़ाई जा सके।

भारतीय वायुसेना में नए लड़ाकू विमानों की डिलीवरी में हो रही देरी अब उसकी परिचालन क्षमता पर असर डाल रही है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने शनिवार को कहा कि लड़ाकू स्क्वाड्रनों की घटती संख्या के बीच नए विमानों की आपूर्ति में अत्यधिक देरी चिंता का विषय है। खासतौर पर तेजस एमके-1ए की डिलीवरी में देरी से वायुसेना को नुकसान हो रहा है।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह

94वें वायुसेना दिवस से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि वायुसेना को अगले कुछ वर्षों तक हर साल कम से कम 36 से 40 लड़ाकू विमानों की जरूरत है, ताकि मौजूदा कमी को रोका जा सके और लड़ाकू स्क्वाड्रनों की संख्या फिर बढ़ाई जा सके।

End of Feed