अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (FBI) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए भारतीय मूल के गैंगस्टर नीतीश कौशल (Nitish Kaushal) उर्फ 'लाला'को वर्मोंट से गिरफ्तार कर लिया है। अभी कुछ ही दिनों पहले ही एफबीआई ने नीतीश को अपनी मोस्ट वांटेड सूची में शामिल कर उसके खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की थी। कौशल पर अमेरिका में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय क्राइम सिंडिकेट को चलाने और कई हिंसक वारदातों को अंजाम देने का आरोप है। अमेरिका में RICO कानून का इस्तेमाल आमतौर पर संगठित अपराध, आपराधिक नेटवर्क, वित्तीय धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग, जबरन वसूली और अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में किया जाता है।
एफबीआई (FBI) ने भारतीय मूल के नितीश कौशल (Nitish Kaushal) को संगठित अपराध में गिरफ्तार किया। FBI
एफबीआई ने अपने सोशल हैंडल पर नीतीश कौशल की गिरफ्तारी की जानकारी दी. एफबीआई के मुताबिक, ‘नीतीश कौशल को अमेरिका के वरमोंट में गिरफ्तार कर लिया गया है. आपराधिक गिरोहों की जांच से जुड़े अपराधों के लिए वांछित अन्य भगोड़ों का पता लगाने में FBI की मदद करें।’
नीतीश कौशल पर आरोप है कि वो भारत के पंजाब से जुड़े खतरनाक 'जग्गू भगवानपुरिया गैंग' का एक सक्रिय सदस्य है, जो अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत कई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नेटवर्क चला रहा है। लॉस एंजिल्स की अमेरिकी जिला अदालत ने रैकेटियरिंग और संगठित अपराध की साजिश रचने के आरोप में कौशल के खिलाफ जून 2026 में एक संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
क्या है एफबीआई का आरोप?
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, नीतीश कौशल अमेरिकी सरजमीं पर हत्या, हत्या की साजिश, अपहरण, जबरन वसूली, मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी तथा मानव तस्करी जैसे कई गंभीर और हिंसक अपराधों में वांछित था। एफबीआई ने उसे "बेहद खतरनाक और हथियारबंद" अपराधी घोषित किया था। कौशल की यह गिरफ्तारी अमेरिका, कनाडा और यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' (Operation Hard Ball) के तहत की गई है, जिसका मकसद पंजाब से जुड़े अंतरराष्ट्रीय क्राइम सिंडिकेट को खत्म करना है। इस त्वरित कार्रवाई को पश्चिमी देशों में सक्रिय विदेशी आपराधिक गिरोहों के खिलाफ एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
