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ईडी का बड़ा कदम, इंटरपोल से जारी हुआ पहला पर्पल नोटिस

इंटरपोल का पर्पल नोटिस (Interpol Purple Notice) एक विशेष प्रकार की सूचना है जिसे इंटरपोल द्वारा सदस्य देशों को जारी किया जाता है। इसका उद्देश्य अपराधियों के तौर-तरीकों, उपकरणों, या उनके उपयोग की तकनीकों की जानकारी साझा करना होता है, जिससे सदस्य देश सतर्क रह सकें और अपराध की रोकथाम कर सकें।

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इंटरपोल से जारी हुआ पहला पर्पल नोटिस (फोटो- PTI& Interpol)

भारत की प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। पहली बार ईडी ने इंटरपोल के ज़रिए पर्पल नोटिस जारी कराया है। यह नोटिस 21 अगस्त 2025 को जारी हुआ, जिसमें काले धन को सफेद करने की एक नई तरकीब का खुलासा किया गया है।

कैसे हो रहा था 'खेला'

जांच में पता चला कि कुछ घरेलू और विदेशी फर्जी कंपनियां (शेल कंपनियां) मिलकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार का सहारा ले रही थीं। उनका खेल कुछ इस तरह था –

  • आयात का बिल असली से कम दिखाना (अंडर-इनवॉइसिंग)
  • सेमीकंडक्टर जैसे सामान का झूठा आयात दिखाना
  • फर्जी दस्तावेज और कंप्लायंस पेपर बनाना
  • एक ही माल को बार-बार अलग-अलग देशों के जरिए निर्यात दिखाना (सर्कुलर ट्रेडिंग)

पैसों का गोलमाल छुपाया जाता था

इन हथकंडों से पैसों का गोलमाल छुपाया जाता था। यह तरीका हवाला से मिलता-जुलता है, लेकिन फर्क ये कि सब कुछ बैंकिंग चैनलों और फर्जी कंपनियों के जरिए किया गया, ताकि पकड़ से बचा जा सके।

इंटरपोल का पर्पल नोटिस

इंटरपोल का पर्पल नोटिस दुनिया के 196 सदस्य देशों को यह अलर्ट करने के लिए जारी किया जाता है कि अपराधी किस तरह नई-नई चालें चल रहे हैं।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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