Ram Temple Donation Row : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वालीं बातें सामने आ रही हैं । आरोपियों के 'लूट' के का पर्दाफाश हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि चोरी के धन से इकट्ठा की गई आरोपियों के संपत्ति से चढ़ावा चोरी की रकम वसूली जाएगी। यही नहीं राम जांच में हैसियत से कई गुना ट्रांजैक्शन आरोपियों के बैंक खातों में मिला है। साल भर में सभी आरोपियों के खातों की डिटेल में हैसियत से ज्यादा रकम के ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं।
आरोपियों के बैंक खातों से हुआ लाखों रुपए का लेन-देन।
आरोपियों के बैंक खातों से लाखों की रकम का ट्रांजैक्शन हुआ
एसआईटी और पुलिस ने इसको सबूत के तौर पर जांच में शामिल किया है। सभी के मकान, प्लॉट और हॉस्टल समेत कई संपत्तियों का ब्योरा जुटाकर उसकी कीमत का आकलन किया जा रहा है। वहीं, पुलिस अनिल और गोपाल को भी नोटिस जारी कर चुकी है। बैंकों से आरोपियों के बैंक खातों का विवरण मांगा था। इसमें आरोपियों के कई परिवार वालों के खाते भी शामिल हैं। एक-एक आरोपी और उनके परिवार वालो के खातों में जितनी रकम का ट्रांजैक्शन हुआ है वो इनकी कमाई से बहुत ज्यादा है। इनके खातों से लाखों की रकम का ट्रांजैक्शन हुआ है। ये सबूत ये साबित करने के लिए काफी हैं कि आरोपियों ने जो रकम चढ़ावे की पार की और उसे इधर-उधर खपाई।
रडार पर लवकुश की पत्नी के नाम की संपत्ति
अयोध्या विकास प्राधिकरण ने लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर बन रही संपत्ति पर सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने मकान निर्माण को लेकर सुप्रिया को नोटिस जारी कर सकता है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि लवकुश मिश्रा ने राम मंदिर में नौकरी के दौरान ही सोहावल तहसील के मंगसी परगना इलाके में अपनी पत्नी के नाम पर जमीन खरीदी थी। 16 अक्टूबर 2025 को हुई इस रजिस्ट्री में जमीन की कीमत मात्र 8.8 लाख रुपये बताई गई, जबकि बाजार मूल्य करीब 25 लाख रुपये आंका जा रहा है। प्राधिकरण अधिकारियों ने जब निर्माण स्थल का निरीक्षण किया तो पाया कि बिना मंजूर नक्शे के और नियमों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य चल रहा था। नोटिस में पूछा जायेगा कि क्या निर्माण के लिए कोई नक्शा पास कराया गया था। प्राधिकरण की ओर से कागजात जमा करने की समयसीमा दी जाएगी। एक हफ्ते में संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
6 जुलाई को होगी ट्रस्ट की बैठक
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद पहली बार 6 जुलाई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होगी। सूत्रों की माने तो महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट के बायलॉज के अनुसार वोटिंग से होगा। इस्तीफा स्वीकार करने के लिए दो तिहाई बहुमत जरूरी होगा। ट्रस्ट के बायलॉज में किसी पदाधिकारी को सिर्फ उसके पद एवं दायित्व से मुक्त करने का प्रावधान है। यदि चंपत राय को महासचिव पद से हटाया भी जाता है तो वे ट्रस्ट के सदस्य बने रहेंगे। मौजूदा समय में ट्रस्ट के 14 सदस्यों में से दो सदस्य इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में बैठक में 12 ट्रस्टियों की राय ली जाएगी।
बैठक में हिस्सा ले सकते हैं RSS, विहिप, बजरंग दल के सदस्य
पहले की बैठकों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भैयाजी जोशी और विश्व हिंदू परिषद के दिनेश चंद्र आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल होते रहे हैं। इस बार भी उनके शामिल होने की संभावना है। विहिप के राष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बांगड़ा और केंद्रीय संगठन मंत्री मिलिंद परांडे को भी आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया जा सकता है। अगर उन्हें वोटिंग का अधिकार दिया जाता है तो उनकी भूमिका भी निर्णायक होगी।
