Kerala Congress: कांग्रेस गुरुवार सुबह केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकती है। मीडिया रिपोर्टों की मानें तो मुख्यमंत्री पद की दौड़ में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन, AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल और अनुभवी नेता रमेश चेन्निथला शामिल हैं। बताया जा रहा है कि केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा के बाद राहुल गांधी ने सीएम पद के लिए चेहरे का चुनाव कर दिया है। केरल में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा की प्रक्रिया के तहत केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के मुख्यालय में बृहस्पतिवार अपराह्न कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक होगी, जिसमें विधायक दल के नेता का चुनाव किया जाएगा।
4 मई को आए थे केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे।
14 मई को सीएलपी की बैठक
केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ द्वारा बुधवार को जारी बयान के अनुसार, सीएलपी की बैठक 14 मई को अपराह्न एक बजे होगी। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस आलाकमान ने संकेत दिया है कि विधानसभा चुनाव परिणाम आने के लगभग 10 दिन बाद, बृहस्पतिवार को केरल के अगले मुख्यमंत्री को लेकर जारी अनिश्चितता समाप्त हो जाएगी। नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर खरगे और राहुल गांधी के बीच हुई बैठक के बाद पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि नेतृत्व ने इस मुद्दे पर चर्चा पूरी कर ली है।
रमेश ने पत्रकारों से कहा, 'केरल में सीएलपी के सदस्यों द्वारा अधिकृत किए जाने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने सभी चर्चाएं पूरी कर ली हैं। केरल के अगले मुख्यमंत्री कौन होंगे, इस फैसले की घोषणा कल की जाएगी।'
केरल के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक
कांग्रेस नेतृत्व ने आठ मई को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने केरल के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक में वेणुगोपाल, चेन्निथला और सतीशन के अलावा केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख सनी जोसेफ और पार्टी की राज्य प्रभारी दीपा दासमुंशी भी बैठक में शामिल हुईं थीं। इसके बाद 12 मई को राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्षों और मौजूदा तीन कार्यकारी अध्यक्षों के साथ अलग-अलग बैठक कर उनकी राय ली थी।
तो यूडीएफ को दो उपचुनावों का सामना करना पड़ेगा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्षों की राय लेने से सतीशन के समर्थकों की उम्मीदों को बल मिला। माना जाता है कि सतीशन को आईयूएमएल के साथ ही यूडीएफ कार्यकर्ताओं के एक बड़े हिस्से का समर्थन भी प्राप्त है। सतीशन के समर्थकों का यह तर्क है कि यदि वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री का पद दिया जाता है, तो यूडीएफ को दो उपचुनावों का सामना करना पड़ेगा। वेणुगोपाल वर्तमान में अलप्पुझा से लोकसभा सदस्य हैं और मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में उन्हें विधानसभा उपचुनाव जीतना होगा तथा फिर उनके इस्तीफे से रिक्त होने वाली लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव होगा।
102 सीटों पर जीती है यूडीएफ
सतीशन के समर्थकों के अनुसार, राज्य में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में यह अत्यधिक जोखिम भरा होगा। वेणुगोपाल के समर्थकों का दावा है कि कांग्रेस के संगठन महासचिव को अधिकतर निर्वाचित विधायकों का समर्थन प्राप्त है और वह एक रणनीतिकार हैं जो उपचुनावों में यूडीएफ की जीत सुनिश्चित करने में सक्षम हैं। उनके समर्थकों का यह भी दावा है कि केरल के ज्यादातर कांग्रेस सांसद भी वेणुगोपाल का समर्थन करते हैं। चेन्निथला के समर्थकों का कहना है कि वह सभी प्रमुख दावेदारों में सबसे वरिष्ठ नेता हैं तथा कठिन समय में भी पार्टी और नेहरू-गांधी परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे हैं। केरल में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने राज्य की कुल 140 सीट में से 102 पर जीत दर्ज की।
