Surgical strike: कांग्रेस के नेता शायद यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि सेना के 'सर्जिकल स्ट्राइक' पर उन्हें कैसा रुख अपनाना है। पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह कुछ दिनों पहले 'सर्जिकल स्ट्राइक' पर सवाल उठा चुके हैं। हालांकि, इस पर भाजपा ने जब कांग्रेस को घेरना शुरू किया तो कांग्रेस के बड़े नेताओं को सफाई देनी पड़ी। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और जयराम रमेश ने सफाई दी कि दिग्विजय सिंह के बयान का समर्थन नहीं करते और यह उनकी निजी राय है। राहुल गांधी ने कहा कि वह दिग्विजय सिंह के बयान से सहमत नहीं है। 'सर्जिकल स्ट्राइक' पर सवाल से उठा विवाद धीरे-धारे शांत हो ही रहा था कि कांग्रेस के नेता राशिद अल्वी ने एक बार फिर इस मुद्दे को हवा दे दी है।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी की मांग- 'सर्जिकल स्ट्राइक' का वीडियो दिखाए सरकार।
सरकार के पास अगर वीडियो है तो उसे दिखाए-अल्वी
अल्वी ने शुक्रवार को कहा कि 'हमें सुरक्षाबलों में भरोसा है लेकिन हम भाजपा की सरकार पर विश्वास नहीं कर सकते। सरकार कहती है कि उसके पास सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो है, ऐसे में दिग्विजय सिंह यदि यह वीडियो जारी करने की मांग करते हैं तो इसमें गलत क्या है? हम सर्जिकल स्ट्राइक का प्रूफ नहीं मांग रहे हैं। सरकार दावा करती है कि उसके पास वीडियो है तो उसे इस वीडियो को दिखाना चाहिए।'#WATCH | We've confidence in our security forces but can't trust BJP govt. Govt says it has video (of surgical stri… t.co/PsEXLfN27w
— ANI (@ANI) Jan 27, 2023
दिग्विजय सिंह ने क्या कहा था
गत सोमवार को जम्मू में 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक करने की बात करती है लेकिन अपने इस दावे को प्रमाणित करने के लिए वह कोई वीडियो जारी नहीं करती है। उन्होंने कहा, 'वे सर्जिकल स्ट्राइक की बात करते हैं। उनका दावा है कि इस स्ट्राइक में बहुत सारे लोग मारे गए। लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं है। केवल झूठ का पुलिंदा से ये राज कर रहे हैं।' हालांकि, दिग्वजिय सिंह के इस बयान से कांग्रेस ने दूरी बना ली। बता दें कि फरवरी 2019 में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादी हमला होने के कुछ दिन बाद सेना ने पीओके में 'सर्जिकल स्ट्राइक' की। सेना के इस ऑपरेशन में करीब 40 आतंकियों के मारे जाने की बात कही जाती है। बाद में सेना ने इसका एक वीडियो भी जारी किया।
