Congress Rally: राजधानी दिल्ली में आज (1 नवंबर) राजनीतिक हलचल चरम पर है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित 'वोट चोरी' और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन दिल्ली के रामलीला मैदान में अपनी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली का आयोजन कर रहा है।
कांग्रेस मार्च को लेकर बीजेपी ने साधा निशाना। BJP X handle
इसी बीच बीजेपी ने इस रैली को 'ठगों का मेला' करार दिया है। बीजेपी दिल्ली ने अपने एक्स पोस्ट से एक फोटो शेयर की है। फोटो पोस्ट करते हुए बीजेपी ने कैप्शन में लिखा,"आज दिल्ली के रामलीला मैदान में फिर लगने जा रहा है। ठगों का मेला, मकसद - देश विरोधी ताकतों के इशारे पर देश में अफवाह और अराजकता फैलाना ताकि अपनी राजनीतिक ज़मीन बचाई जा सके।
बता दें कि बीजेपी ने इंडिया गठबंधन पर देश विरोधी ताकतों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। वहीं, इससे पहले बीजेपी ने इस दिन रैली करने को लेकर सिखों का अपमान बताया। बीजेपी का कहना है कि इसी दिन सिखों का नरसंहार किया गया था और कांग्रेस पार्टी इसी दिन रैली करके उनके दर्द को और ताजा करने की कोशिश कर रही है।
हाई अलर्ट पर दिल्ली पुलिस
बात करें रैली की तो दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। रामलीला मैदान की रैली से ठीक एक दिन पहले शनिवार (31 अक्टूबर) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्षी नेताओं की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
4,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
इसके तहत मार्च मार्ग और आयोजन स्थल पर 4,000 से अधिक पुलिसकर्मी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियां तैनात की जाएंगी। रामलीला मैदान को 14 सुरक्षा क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिनमें से प्रत्येक की निगरानी सहायक आयुक्त रैंक के अधिकारी द्वारा की जाएगी। 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और बॉडी-वियर कैमरे सभा पर नजर रखेंगे, जबकि मैदान के अंदर एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
आयोजकों ने 10 लाख तक प्रतिभागियों की उम्मीद जताई है, लेकिन दिल्ली पुलिस का अनुमान है कि लगभग 50,000 लोग ही शामिल होंगे। अधिकारियों ने बताया कि खाली होने पर मैदान में 45,000-50,000 लोग आ सकते हैं, लेकिन कुर्सियों, बाड़ों और गलियारों के साथ इसकी प्रभावी क्षमता लगभग 30,000-40,000 तक कम हो जाएगी। भीड़ के फैलाव को संभालने के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध रखा जाएगा।
महारैली से पहले ‘जन महाभियोग’
रामलीला मैदान की रैली से ठीक एक दिन पहले शनिवार (31 अक्टूबर) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्षी नेताओं की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' (Public Impeachment) का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
प्रस्ताव में ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की गई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा की गई एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के जरिए करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाकर उन्हें मताधिकार से वंचित किया गया है।
