हरियाणा कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर अंदरूनी बहस एक बार फिर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कांग्रेस नेतृत्व को पत्र लिखकर किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट करने के बजाय सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की पैरवी की है। खास बात यह है कि शर्मा ने अपने पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम लेते हुए उनके कथित CM फेस प्रोजेक्शन पर सवाल उठाए हैं।
कुलदीप शर्मा ने पत्र में क्या कहा?
कुलदीप शर्मा का तर्क है कि चुनाव से काफी पहले किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित या प्रोजेक्ट करने से पार्टी का व्यापक जनाधार प्रभावित हो सकता है। उनके मुताबिक, इससे कांग्रेस का पूरा राजनीतिक अभियान एक व्यक्ति और उसके इर्द-गिर्द केंद्रित होने का खतरा रहता है।
उन्होंने पार्टी नेतृत्व से अपील की कि हरियाणा में किसी एक व्यक्ति को केंद्र में रखकर राजनीति करने के बजाय सामूहिक नेतृत्व की नीति अपनाई जाए। शर्मा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला चुनाव के बाद केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ा जाना चाहिए।
हुड्डा का नाम लेकर उठाए सवाल
कुलदीप शर्मा ने अपने पत्र में भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम लेकर कहा कि वह 2029 के लिए खुद को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट करने की मुहिम चला रहे हैं।सचिन पायलट के बयान का भी दिया हवाला
अपने पत्र में कुलदीप शर्मा ने सचिन पायलट के सुझाव को आधार बनाया है। उन्होंने सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने और राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव अभियान चलाने की बात का समर्थन किया। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय से नेतृत्व को लेकर अलग-अलग धड़ों की अपनी-अपनी राजनीतिक प्राथमिकताएं रही हैं। ऐसे में सामूहिक नेतृत्व की मांग पार्टी के भीतर चल रही इसी बहस को सामने लाती है।
पत्र किन नेताओं को भेजा गया?
कुलदीप शर्मा ने अपने पत्र की प्रतियां हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र राव और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल को भी भेजी हैं।
