CJP's Lehra Do Tiranga March: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों को शुक्रवार शाम जंतर-मंतर आकर तिरंगा लहराने की अपील की थी। हालांकि, पुलिस ने दिपको को कनॉट प्लेस आने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। थोड़ी देर में उनकी कोर्ट में पेशी होने वाली है।
वहीं, कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में निषेधाज्ञा के बावजूद प्रदर्शन और भीड़ जुटने के मामलों में दिल्ली पुलिस ने कई FIR दर्ज की हैं। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली और चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान प्रतिबंधों का उल्लंघन किया गया। पुलिस ने करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। इनमें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके भी शामिल हैं।
ये प्रदर्शन चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में किए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर पर रोक लगाने की मांग की।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, कनॉट प्लेस में लोगों को इकट्ठा नहीं होने की बार-बार घोषणा की गई थी। इसके बावजूद वहां भीड़ जुटी। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के उल्लंघन के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की बात कही है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अभिजीत दीपके गिरफ्तार, SEM कोर्ट में पेश किया जाएगा
दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को शुक्रवार को हिरासत में लिया था। पुलिस के एक अधिकारी ने उन्हें बताया कि कनॉट प्लेस में लागू निषेधाज्ञा के मद्देनजर एहतियातन हिरासत में लिया जा रहा है। दीपके को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गावंडे के आवास से निकलते समय हिरासत में लिया गया था।
पुलिस ने दीपके को दो अलग-अलग नोटिस भी दिए। पहला नोटिस नई दिल्ली जिले की ओर से BNSS की धारा 163 के तहत जारी किया गया था, जिसमें प्रतिबंधों के दौरान उन्हें सेंट्रल पार्क जाने से रोका गया। दूसरा नोटिस दक्षिण-पश्चिम दिल्ली जिले की ओर से पहले की गई एहतियाती कार्रवाई से संबंधित था। उस मामले में दीपके के साथ आशुतोष रांका और सौरव दास के नाम भी शामिल थे।
पुलिस के मुताबिक, 16 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद दीपके के खिलाफ BNSS की धारा 126 और 170 के तहत एक नया एहतियाती मामला दर्ज किया गया। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और अब स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया जाना है, जहां आगे की कार्रवाई पर फैसला होगा।
मंडी हाउस में AISA और वामपंथी संगठनों का प्रदर्शन
एक अन्य घटनाक्रम में दिल्ली पुलिस ने मंडी हाउस के पास प्रदर्शन कर रहे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया। ये प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। वहीं, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को शुक्रवार शाम हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
रिहाई के बाद बोरा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम नागरिकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है और हिरासत में लोगों को रातभर रखने की वैधता पर भी सवाल उठाया।
