कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत मिल गई है। इसके बाद पार्टी को उम्मीद है कि सौरभ दास और आशुतोष रांका को भी जल्द रिहा किया जा सकता है। दोनों की रिहाई को लेकर सीजेपी की लीगल टीम ने संबंधित प्राधिकरण (SEM) के समक्ष याचिका दाखिल की है। बताया जा रहा है कि दोनों की रिहाई पर फैसला कल आ सकता है।
सीजेपी की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने अभिजीत दिपके को जमानत मिलने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि अभिजीत को जमानत मिल गई है और पार्टी को पूरी उम्मीद है कि सौरभ दास और आशुतोष रांका को भी कल रिहा कर दिया जाएगा।
इससे पहले, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को आज सशर्त जमानत दे दी गई। दिपके को शुक्रवार को दिल्ली के झंडेवालान स्थित अपने घर से बाहर निकलते ही हिरासत में ले लिया गया था। वह कनॉट प्लेस में सीजेपी के ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। शनिवार सुबह उन्हें 10 अक्टूबर को भरे गए शांति बॉन्ड की कथित शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शांति बॉन्ड में दिए गए आश्वासन के आधार पर उन्हें छोड़ दिया गया।
दिपके को मंदिर मार्ग पुलिस थाने में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी गई। हालांकि, पुलिस ने इस घटनाक्रम को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस थाने और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। दोनों पर जंतर-मंतर तक पहुंचने के लिए निजी संपत्ति में कथित तौर पर अतिक्रमण करने और शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप है। दोनों फिलहाल तिहाड़ जेल में हैं।
पुलिस के अनुसार, विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने निवारक पुलिस रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों, कानून के कथित बार-बार उल्लंघन और इस आशंका पर विचार किया कि जमानत पर रिहा होने के बाद दोनों फिर कानून का उल्लंघन कर सकते हैं और अन्य लोगों को भी इसके लिए उकसा सकते हैं। इसके बाद उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया।
