कैंसर मरीजों को बड़ी राहत! 137 दवाओं के दाम 70% तक घटाने की तैयारी, 9 नवंबर से नई कीमतें लागू

कैंसर के इलाज पर होने वाला खर्च घटाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस कदम के तहत दवा कंपनियों और विक्रेताओं के मुनाफे की सीमा तय कर दी है। सरकार इससे पहले 2019 में भी कैंसर की 42 दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30 फीसदी तक सीमित कर चुकी है। उस पहल के बाद 526 ब्रांड की गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं की कीमतों में 90 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई थी।

कैंसर के महंगे इलाज से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत की बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने 137 कैंसर की दवाओं की कीमतों को कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने इन दवाओं पर ट्रेड मार्जिन यानी दवा की बिक्री में कारोबारियों को मिलने वाले मुनाफे की अधिकतम सीमा 30 फीसदी तय कर दी है। सरकार के इस फैसले से संबंधित दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) में 70 फीसदी तक की कमी आने की उम्मीद है। नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी।

कैंसर के इलाज पर होने वाला खर्च घटाने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम


कैंसर के इलाज पर होने वाला खर्च घटाने के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम

इलाज के खर्च में मिलेगी राहत

कैंसर का इलाज लंबे समय तक चलता है और कई मरीजों को लगातार महंगी दवाओं की जरूरत पड़ती है। ऐसे में दवाओं की कीमतों में कमी मरीजों और उनके परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम कर सकती है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य कैंसर की दवाओं को अधिक किफायती बनाना और मरीजों तक उनकी पहुंच आसान करना है।

दवाओं की कीमतों पर कैसे लगेगी लगाम?

फार्मास्यूटिकल्स विभाग के तहत NPPA ने विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर 137 ऐसी कैंसर दवाओं को चुना है, जिनकी कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ट्रेड मार्जिन की सीमा तय की गई है। इस व्यवस्था के तहत अधिकतम खुदरा कीमत में कमी दवा की मौजूदा कीमत और उसकी मूल्य संरचना पर निर्भर करेगी। यानी सभी दवाओं के दाम एक समान नहीं घटेंगे, लेकिन कुछ दवाओं की कीमतों में 70 फीसदी तक की कमी संभव है।

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