BJP vs TMC vote share seat difference: पश्चिम बंगाल में हाल ही में विधानसभा चुनाव पूर्ण हुए और इस बार पहली बार भाजपा राज्य में अपनी सरकार बनाने जा रही है। ममता बनर्जी अपनी सीट भी हारीं और उनकी पार्टी TMC की बुरी हार हुई। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, इस वर्ष राज्य में 23 अप्रैल को पहले चरण में 92.8% मतदान हुआ, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 91.47% मतदान दर्ज किया गया, जो स्वतंत्रता के बाद से राज्य में अब तक का सर्वाधिक मतदान था।
वोट सिर्फ 5% ज्यादा, सीटें 2.5 गुना कैसे? बंगाल में BJP vs TMC के आंकड़ों ने खड़ा किया बड़ा सवाल
चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्य में भाजपा 206 सीटें जीत चुकी है और एक सीट पर आगे है। वहीं, चुनावों में TMC को 80 सीट मिली हैं। अब बात करते हैं वोट शेयरिंग की। पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों में एक दिलचस्प लेकिन अहम गणित सामने आया है, भारतीय जनता पार्टी (BJP) को वोट प्रतिशत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से करीब 5 फीसदी ज्यादा समर्थन मिला, लेकिन सीटों के मामले में यह बढ़त कई जगह 2 से 2.5 गुना तक दिखाई देती है। सवाल उठता है कि ऐसा कैसे संभव है?
भाजपा-TMC को कितनी फीसदी वोट मिले?
भाजपा- 45.84 फीसदी वोट मिले
TMC- 40.80 फीसदी वोट मिले
दरअसल, भारत का चुनावी सिस्टम 'फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट' (FPTP) मॉडल पर आधारित है। इसमें जिस उम्मीदवार को किसी सीट पर सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वही जीतता है, चाहे अंतर बहुत कम ही क्यों न हो। इसका मतलब यह है कि अगर कोई पार्टी कई सीटों पर थोड़े-थोड़े अंतर से जीतती है, तो उसकी सीटों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है, भले ही कुल वोट प्रतिशत में अंतर ज्यादा न हो।
भाजपा को चुनावों में सबसे अधिक वोट मिले
यही वजह है कि वोट शेयर और सीटों के बीच सीधा अनुपात नहीं बनता। कई बार एक पार्टी ज्यादा वोट पाने के बावजूद सीटों में पीछे रह जाती है, जबकि दूसरी पार्टी कम अंतर से कई सीटें जीतकर आगे निकल जाती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिस्टम 'स्थिर सरकार' देने के लिहाज से तो कारगर है, लेकिन इससे वोट प्रतिशत और सीटों के बीच असमानता भी दिखती है। बंगाल के नतीजों ने एक बार फिर इस चुनावी गणित को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
बंगाल में कांग्रेस का हाल
इन चुनावों में चुनाव आयोग की साइट के मुताबिक, कांग्रेस को दो सीटें मिली हैं। वहीं, AJUP को भी दो सीटों पर जीत मिली है। इसके अलावा CPI(M) को एक और AISF भी इन चुनावों में एक सीट जीतने में कामयाब रही। बता दें कि भाजपा और TMC, इनके बाद तीसरे नंबर सबसे अधिक वोटिंग शेयर 4.45 फीसदी का CPI(M) के पास रहा।
