रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज लखनऊ मेंं एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल के दौरान तीन अक्षम्य अपराध हुए हैं। उन्होंने कहा कि 75 में इंदिरा जी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी, दूसरा अक्षम्य अपराध था 1984 में कांग्रेस के संरक्षण में सिख भाई-बहनों का नरसंहार और तीसरा उनका अक्षम्य अपराध था 1990 में रामभक्त कारसेवकों की खून की गंगा बहाने वाले लोगों को समर्थन देकर उनकी सरकार को बचाना।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए (फोटो- ANI)
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विपक्ष का एजेंडा देश में आग लगाना- राजनाथ सिंह
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में चल रहे हालिया घटनाक्रमों पर गंभीर चिंता जताते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर सीधा निशाना साधा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष देश के युवाओं को मोहरा बनाकर राजनीति कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर 'रिजिम चेंज' (सत्ता परिवर्तन) की बातें कर रहे हैं और इसके लिए बांग्लादेश से प्रेरणा लेने का जिक्र कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा, "विपक्ष जिस तरह से 'रिजिम चेंज' और सरकार गिराने जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहा है, उससे साफ जाहिर होता है कि उनकी यह लड़ाई चुनाव सुधार या एसआईआर (SIR) के लिए नहीं है। उनका एकमात्र एजेंडा देश में आग लगाना और माहौल बिगाड़ना है।"
राहुल अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं- राजनाथ सिंह
राहुल गांधी पर राजनाथ सिंह ने निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी को लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर पॉलिटिक्स ऑफ डिसरप्शन करने के बजाय जनमत का सम्मान करते हुए अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्ममंथन करना चाहिए, यह राहुल जी को मेरा सुझाव है। जहां तक भारत के भविष्य का प्रश्न है, भारत के भविष्य की जिम्मेदारी सबकी बनती है। राजनाथ सिंह ने कहा, " मैं कहना चाहूंगा कि राहुल गांधी और उनको सहयोगियों को यह समझना होगा कि लोकतंत्र अराजकता फैलाने, संवैधानिक संस्थाओं की साख पर चोट करने या भारत की विकास यात्रा में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय के कल की गई टिप्पणी भी मैं समझता हूं कि यह इसी ओर एक संकेत है। कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कानून का सम्मान करना भी आवश्यक है।"
