Atique Ahmed Death News in Hindi: माफिया-गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ अहमद पर गोलियों से हमला करने वालों को लेकर किए गए विभिन्न दावों के बीच विश्व हिंदू परिषद (Vishwa Hindu Parishad) की ओर से साफ किया गया है कि गोलियां चलाने वाले युवकों का विहिप से कोई संबंध नहीं है।
अतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस बाबत सोमवार (17 अप्रैल, 2023) को समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ''तीनों आरोपियों में से किसी का भी विहिप या फिर बजरंग दल से कोई नाता नहीं है। जो कुछ भी फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह झूठ है।''
दरअसल, कुमार की यह टिप्पणी उस संदर्भ में आई है, जिसमें एक धड़े का यह आरोप रहा है कि अहमद बंधुओं पर हुआ हमला साजिश के तहत था और उसके पीछे हिंदूवादी संगठन का कोई कनेक्शन है। यही नहीं, विदेशी मीडिया में भी अतीक अहमद हत्याकांड से जुड़ी कवरेज हुई, उसमें कई मीडिया संस्थानों ने हत्या के दौरान आरोपियों की ओर से लगाए गए कथित 'जय श्री राम' के नारों का भी उल्लेख किया।
वैसे, इससे पहले पकड़े गए तीनों आरोपियों (लवलेश तिवारी - बांदा), मोहित उर्फ सनी - हमीरपुर) और अरुण मौर्य - कासगंज एटा) ने पूछताछ के दौरान कबूला था कि वे 60 साल के अतीक और अशरफ गिरोह का सफाया कर सूबे (यूपी) में अपनी पहचान बनाना चाहते थे। हत्याकांड से जुड़ी दर्ज की गई एफआईआर में भी इस बात का जिक्र है।
एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने बताया था कि अहमद बंधु गिरोह का खात्मा कर वे प्रदेश में अपने नाम की पहचान बनाना चाहते थे, जिसका फायदा आगे उन्हें साफ तौर पर मिलता। वैसे, वे पुलिस के घेरे का अनुमान नहीं लगा पाए थे और हत्या के बाद भागने में सफल नहीं हो पाए। पुलिस की तेजी के चलते वे तीनों धर दबोचे गए। अहमद बंधु के जब से हिरासत में भेजे जाने की उन्हें सूचना मिली थी, तब से वे मीडियाकर्मी बनकर प्रयागराज में लोकल मीडिया की भीड़ में रहकर इन दोनों को मारने की फिराक में थे।
प्रयागराज के धूमनगंज थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) राजेश कुमार मौर्य ने शाहगंज थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। हमले के दौरान गोलीबारी में लवलेश को भी गोली लगी और फिलहाल उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
