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सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बारामूला का किया दौरा, ऑपरेशन सिंदूर में BSF की भूमिका की सराहना की

Army Chief General Upendra Dwivedi: ना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने शुक्रवार को बारामूला में अग्रिम ठिकानों का दौरा किया और ऑपरेशन सिंदूर में सेना और बीएसएफ जवानों की वीरता की सराहना की। इस दौरान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सीमा सुरक्षा बल जम्मू के कांस्टेबल हरविंदर सिंह को ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी में उनके असाधारण परिश्रम के लिए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।

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सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बीएसएफ जवान को सम्मानित किया

Photo : ANI

Operation Sindoor: सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने शुक्रवार को बारामूला में अग्रिम ठिकानों का दौरा किया और ऑपरेशन सिंदूर में सेना और बीएसएफ जवानों की वीरता की सराहना की। अपने दौरे के दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वीरतापूर्ण कार्य के लिए 185वीं बटालियन बीएसएफ के एचसी (जीडी) रंताना राम को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन डिस्क से सम्मानित किया। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) जम्मू के कांस्टेबल हरविंदर सिंह को ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी में उनके असाधारण परिश्रम के लिए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। बीएसएफ जम्मू ने सीओएएस द्विवेदी की एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें वह बीएसएफ जवान को प्रशस्ति पत्र लगा रहे हैं। बीएसएफ जम्मू ने एक्स पर पोस्ट किया कि 15 मई 2025 को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, पीवीएसएम, एवीएसएम ने ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी में असाधारण परिश्रम के लिए बीएसएफ जम्मू के कांस्टेबल हरविंदर सिंह को प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया।

सेना प्रमुख ने डैगर डिवीजन के अग्रिम ठिकानों का भी किया दौरा

इससे पहले गुरुवार को सेना प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर में डैगर डिवीजन के अग्रिम ठिकानों का दौरा किया और सभी रैंकों के साथ बातचीत की। सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नियंत्रण रेखा (LoC) पर उनकी वीरता और सतर्क कार्रवाई की सराहना की। सेना प्रमुख ने इस बात पर भी बल दिया कि सैनिकों को किसी भी चुनौती का निर्णायक ढंग से जवाब देने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए। भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद निर्णायक सैन्य प्रतिक्रिया के रूप में 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। हमले के बाद, पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा और जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से गोलाबारी की और साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन हमलों का प्रयास किया, जिसके बाद भारत ने समन्वित हमला किया और पाकिस्तान के 11 वायुसैन्य ठिकानों पर रडार अवसंरचना, संचार केंद्रों और हवाई क्षेत्रों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता समाप्त होने की सहमति की घोषणा की गई।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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