American National Detained Nepal Border: उत्तर प्रदेश में भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सोनौली सीमा (Sonauli Border) के पास से एक अमेरिकी नागरिक को बिना किसी वैध यात्रा दस्तावेज के अवैध रूप से नेपाल भागने की कोशिश करते हुए दबोचा गया है।
नेपाल बॉर्डर पर अमेरिकी नागरिक गिरफ्तार, बिना वीजा-पासपोर्ट समुद्र के रास्ते घुसा था भारत, पूछताछ में खुला खतरनाक राज
गिरफ्तार विदेशी नागरिक की पहचान 36 वर्षीय जॉर्डन ब्राउन (Jordan Brown) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कैलिफोर्निया, अमेरिका का रहने वाला है। जब सुरक्षा एजेंसियों ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने भारत में अपनी अवैध एंट्री को लेकर जो खुलासे किए, उसने सुरक्षा महकमे और खुफिया एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। वह किसी एयरपोर्ट के रास्ते नहीं, बल्कि समंदर की लहरों को चीरते हुए बिना वैध कागजात के भारत की सीमा में दाखिल हुआ था।
थाईलैंड से गोवा तक: जॉर्डन ब्राउन की अवैध यात्रा की पूरी कहानी
महाराजगंज के एडिशनल एसपी सिद्धार्थ ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी और आरोपी के कबूलनामे की विस्तृत जानकारी साझा की।
थाईलैंड में खोया पासपोर्ट: जॉर्डन ब्राउन ने पूछताछ में बताया कि वह सबसे पहले टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड गया था, जहां कथित तौर पर उसका पासपोर्ट खो गया।
समुद्र के रास्ते श्रीलंका और भारत: पासपोर्ट खोने के बाद उसने सामान्य अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बजाय अवैध रास्ता चुना। वह पहले समुद्र के रास्ते श्रीलंका पहुंचा। इसके बाद, नवंबर 2025 में वह श्रीलंका से फिर समुद्री रास्ते के जरिए ही अवैध रूप से भारत के तट पर पहुंच गया।
गोवा में काट रहा था समय: भारत में अवैध एंट्री करने के बाद से वह पहचान छिपाकर गोवा में रह रहा था। 11 जुलाई को वह यूपी के महाराजगंज जिले के सोनौली थाना क्षेत्र के मैनहवा इलाके (बॉर्डर पिलर नंबर 516) से अवैध तरीके से नेपाल में घुसने की फिराक में था, तभी रूटीन पेट्रोलिंग कर रही एसएसबी ने उसे दबोच लिया।
केस दर्ज, दावों की हो रही है गहन जांच
एडिशनल एसपी सिद्धार्थ ने बताया कि आरोपी जॉर्डन ब्राउन के पास से कोई भी वैध ट्रैवल डॉक्युमेंट नहीं मिला है। उसके बयानों और दावों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।
सोनौली पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट (Immigration and Foreigners Act) की धारा 21/23 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या भारत में उसे छिपाने या समुद्र के रास्ते एंट्री दिलाने में किसी स्थानीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क या मानव तस्करों का हाथ था। आगे की कानूनी कार्यवाही और कोर्ट में पेशी की प्रक्रिया जारी है।
