All-party delegations : आतंकवाद पर पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी झेलेगा। भारत ने इसके लिए मंच तैयार कर दिया है। भारत सरकार ने पक्ष और विपक्ष के नेताओं को मिलकर सात शिष्टमंडल तैयार किया है। ये शिष्टमंडल दुनिया के बड़े देशों की राजधानियों में जाएंगे और आतंकवाद के साथ पाकिस्तान के जुड़ाव और आतंकवादी हमलों में उसकी संलिप्तता उजागर करेंगे। विपक्ष से जिन नेताओं को शिष्टमंडल में शामिल किया गया है उनमें शशि थरूर, कनिमोझी और सुप्रिया सुले के नाम हैं।
विदेश में पाकिस्तान को बेनकाब करेंगे भारतीय नेता।
शिष्टमंडल के बारे में रिजिजू ने किया ट्वीट
दरअसल, आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार की जीरो टॉलरेंस का संदेश दुनिया को देने के लिए भारत सरकार ने जो शिष्टमंडल बनाए हैं, उनके बारे में जानकारी देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने शनिवार को X पर अपने एक पोस्ट में कहा कि 'भारत एकजुट है। सात सर्वदलीय शिष्टमंडल जल्द ही अहम सहयोगी देशों के दौरे पर जाएगा। दलगत राजनीति एवं मतभेदों से ऊपर यह भार की मजबूत राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।' रिजिजू ने अपने इस ट्वीट के साथ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद और कांग्रेस नेता शशि थरूर को भी टैग किया है। रिजिजू ने कहा कि शिष्टमंडल की अगुवाई शशि थरूर, रवि शंकर प्रसाद, संजय कुमार झा, बैजयंत पांडा, कनिमोजी, सुप्रिया सुले और श्रीकांत शिंदे करेंगे।
कांग्रेस के चार नाम में थरूर शामिल नहीं
इस बीच, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट शिष्टमंडल में शामिल होने वाले अपने नेताओं के बारे में जानकारी दी। X पर अपने एक ट्वीट में रमेश ने कहा कि 'शुक्रवार सुबह संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता को फोन किया। उन्होंने शिष्टमंडल में शामिल करने के लिए चार नेताओं के नाम मांगे। इसके बाद शाम के वक्त कांग्रेस से चार नेताओं के नाम भेज दिए गए। इन चार नेताओं के नाम आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, सई नसीर हुसैन और राजा बरार हैं।'
थरूर के नाम पर फंसा पेच
दरअसल, सरकार ने सर्वदलीय शिष्टमंडल की अगुवाई करने के लिए जिन नेताओं को चुना उसमें शशि थरूर का नाम है लेकिन कांग्रेस की ओर से जो चार नाम दिए गए हैं, उसमें उनका नाम नहीं है। ऐसे में थरूर को लेकर सरकार और कांग्रेस के बीच पेच फंसता नजर आ रहा है। इससे थरूर को लेकर ऊहापोह की स्थिति बन गई है।
