Minority Religious Leaders: नए संसद भवन में सोमवार को सभी अल्पसंख्यक धर्मगुरुओं की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद धर्मगुरुओं ने संसद परिसर में कहा कि 'हमारी जाति, परंपरा, धर्म, प्रार्थना पद्धतियां अलग-अलग हो सकती हैं लेकिन एक मनुष्य के रूप में हमारा सबसे बड़ा धर्म मानवता का है। हम सभी इस देश में रहते हैं। देश ही हमारी प्राथमिकता है।'
संसद भवन में पीएम मोदी से मिलने के बाद अल्पसंख्यक धर्मगुरु।
धर्मगुरुओं ने कहा, 'हमें मिलकर इस देश को आगे ले जाना है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आज एक बार फिर से ''विश्वगुरु' बनने के करीब है। इसे साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना है।'
धर्म गुरुओं ने संसद में सदन की कार्यवाही देखी
सभी धर्म गुरुओं ने संसद में सदन की कार्यवाही देखी। पीएम से मुलाकात से पहले ऑल इंडिया इमाम संगठन के चीफ इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा कि 'यह पैगाम ए मोहब्बत है। आज मैं प्रधानमंत्री से मिलने जा रहा हूं।' भारतीय अल्पसंख्यक फाउंडेशन के संस्थापक हिमसूद ने कहा कि वे दुनिया को बताने जा रहे हैं कि भारत एक है। इस शिष्टमंडल में 24 अल्पसंख्यक धर्म गुरु शामिल थे। धर्म गुरुओं ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात की। अभी संसद का बजट सत्र चल रहा है।
1 फरवरी को पेश हुआ अंतरिम बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गत एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया। सत्त पक्ष के लोगों ने जहां इस बजट की सराहना की वहीं, विपक्ष ने कहा कि इसमें कुछ भी नहीं है और बजट की आलोचना की। प्रधानमंत्री मोदी ने वित्त मंत्री की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट महिलाओं, किसानों और युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। यह देश को आगे ले जाने वाला बजट है।
