AIMPLB protests at Jantar Mantar: वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपनी मुहिम और तेज कर दी है। इस विधेयक के खिलाफ उसने सोमवार को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन शुरू किया। बोर्ड के इस प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। वहीं, वक्फ संशोधन विधेयक पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के चेयरमैन एवं भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि एआईएमपीएलबी का यह प्रदर्शन लोगों में मतभेद और संसदीय प्रणाली को चुनौती दे सकता है।
लोकतांत्रिक नहीं है, AIMPLB का कदम-जगदंबिका पाल
पाल ने कहा कि एआईएमपीएलबी पहले ही अपनी आपत्तियां एवं चिंताएं समिति के समक्ष प्रस्तुत कर चुका है और रिपोर्ट में उसकी चिंताओं को शामिल किया गया है। ऐसे में समझ में नहीं आ रहा है कि फिर वह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन क्यों कर रहा है? भाजपा सांसद ने बोर्ड पर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि वे इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं तो वे लोगों में नफरत पैदा करने और कानून बनाने के संसद के अधिकार को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं। वे लोगों में मतभेद और भ्रम की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। एआईएमपीएलबी ने जो कदम उठाया है, वह लोकतांत्रिक नहीं है।
13 मार्च को होना था यह प्रदर्शन
AIMPLB का यह प्रदर्शन पहले 13 मार्च को होना था लेकिन उस दिन संसद के संभावित अवकाश के चलते कई सांसदों ने अपनी उपस्थिति को लेकर असर्मथता जताई, जिसके बाद उसने कार्यक्रम में बदलाव किया। बोर्ड के प्रतिनिधियों ने जनवरी और फरवरी में तेदेपा प्रमुख चंद्रबाबू नायडू और जद(यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात कर उनसे सहयोग मांगा था, लेकिन ये दोनों दल फिलहाल इस विषय पर सरकार के साथ नजर आ रहे हैं।
संसद में भी गूंज सकता है यह मामला
बोर्ड ने अपने इस विरोध प्रदर्शन में कई सांसदों को भी आमंत्रित किया है। वहीं, होली की छुट्टियों के बाद आज से संसद का सत्र में शुरू हो रहा है। इस प्रोटेस्ट को लेकर सदन में जोरदार हंगामा होने के आसार हैं। ऐसे में ये प्रदर्शन काफी खास होने वाला है, क्योंकि संसद सत्र ना होने की वजह से इस विरोध प्रदर्शन को एक बार स्थगित किया जा चुका है।
