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यूपी चुनाव 2027 के लिए AIMIM का बड़ा प्लान, अखिलेश के PDA समीकरण और कांग्रेस के वोट बैंक पर खतरा

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर AIMIM ने अपनी तैयारियां तेज करने की रणनीति बनाई है। इसके लिए AIMIM ने तीन विशेष प्लान तैयार किया है। वह यूपी की 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

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असदुद्दीन ओवैसी (फोटो साभार- PTI)

UP Election 2027: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर अपनी राजनीतिक रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। इसके लिए AIMIM ने तीन विशेष प्लान तैयार किया है।

पहला प्लान - मुस्लिम बहुल सीटों पर फोकस

ओवैसी के पहले प्लान के तहत फोकस यूपी के मुस्लिम बहुल सीटों पर केंद्रित है। पार्टी ऐसी सीटों को टारगेट कर रही है जहां मुस्लिम वोटर निर्णायक भूमिका में हैं।

दूसरा प्लान - पश्चिमी यूपी पर विशेष फोकस

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लगभग 65 विधानसभा सीटों पर AIMIM का विशेष फोकस है, जहां मुस्लिम आबादी चुनावी नतीजों को सीधा प्रभावित करती है। मेरठ की प्रमुख सीटों सहित कई अन्य जिलों में पार्टी ने मजबूत पकड़ बनाने का दावा किया है। इसी प्लान के तहत ओवैसी पश्चिमी यूपी में लगातार जनसभाएं करने जा रहे हैं। 17 अक्टूबर को रामपुर में जनसभा होगी, 24 अक्टूबर को कैराना में जनसभा और 14 नवंबर को मेरठ में बड़ी रैली का आयोजन किया जाएगा।

तीसरा प्लान - 200 सीटों पर संगठन की तैयारी

यदि मुख्य विपक्षी दलों सपा-कांग्रेस के साथ गठबंधन पर बात नहीं बनती है, तो AIMIM का संगठन पूरे उत्तर प्रदेश में लगभग 200 सीटों पर अपने बलबूते चुनाव लड़ने और संगठन को सक्रिय करने के प्लान पर काम कर रहा है। यदि गठबंधन नहीं होता है और ओवैसी इन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारते हैं, तो यह समाजवादी पार्टी के PDA समीकरण और कांग्रेस के वोट बैंक के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। ओवैसी की रणनीति उन सीटों पर सेंध लगाने की है जो पारंपरिक रूप से या तो कांग्रेस का प्रभाव क्षेत्र रही हैं या जहाँ बीएसपी और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला कड़ा रहता है।

पूर्वांचल की 36 सीटों पर बड़ी तैयारी

ओवैसी की पार्टी आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ और बलिया जैसे जिलों में पुख्ता तैयारी कर रही है। इसमें आजमगढ़ की मुबारकपुर, गोपालपुर, निजामाबाद, सदर; जौनपुर की सदर और शाहगंज; तथा मऊ जिले की सदर व घोसी जैसी मुस्लिम बहुल सीटें शामिल हैं। इसके अलावा बहराइच और श्रावस्ती जैसी सीटें भी उनके रडार पर हैं। इसके साथ ही AIMIM की रणनीति ऐसे स्थानीय और प्रभावशाली मुस्लिम नेताओं को पार्टी में शामिल करने या टिकट देने की है, जिन्हें सपा, कांग्रेस या अन्य दलों द्वारा नजरअंदाज किया गया हो।

हालांकि AIMIM अभी भी गठबंधन के लिए तैयार है और उनकी बातचीत जारी है। फैसला इस महीने के अंत तक होने की उम्मीद है। अगर सपा और कांग्रेस गठबंधन यूपी में ओवैसी को अपने साथ नहीं रखते हैं तो फिर ओवैसी अपनी नई रणनीति तैयार करेंगे। संगठन के लिहाज से वह 200 सीटों पर तैयारी कर रहे हैं।

Vinod Mishra
विनोद मिश्राauthor

दिल्ली से लेकर यूपी की राजधानी लखनऊ में करीब दो दशक से टीवी पत्रकारिता कर रहें है। यूपी की सियासत की नब्ज और ब्यूरोकेसी की समझ है। पत्रकारिता एक पैशन है।

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