Times Now Summit 2026 : टाइम्स नाउ समिट 2026 पर सवालों के जवाब देते हुए पार्टी के शीर्ष नेता मनीष सिसोदिया ने कहा आम आदमी पार्टी देश में बढ़ती हुई और ईमानदार पार्टी है। सिसोदिया ने कहा कि उनके खिलाफ लगाया गया शराब नीति का मामला राजनीतिक था। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की सरकार और बीजेपी ने विपक्ष को दबाने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल किया। सिसोदिया बोले कि वे और अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) डरने वाले नहीं हैं और जनता के मुद्दों के लिए लड़ते रहेंगे। दिल्ली में शिक्षा और सरकारी स्कूलों पर जो काम हुआ है, वही उनकी असली राजनीति है। सच्चाई देर से सही लेकिन सामने आती है।
टाइम्स नाउ समिट 2026 पर चर्चा करते आम आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया
शराब नीति पर क्या बोले सिसौदिया
मनीष सिसौदिया ने कहा कि जब दिल्ली में यह नीति बनाई गई, तब दिल्ली के एलजी (LG) ने अधिकारियों को धमकी दी थी कि यदि यह नीति चली तो उन्हें सस्पेंड कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने अपनी नौकरी बचाने के लिए नीति बदलने का अनुरोध किया, लेकिन यही नीति पंजाब में पिछले चार वर्षों से सफलतापूर्वक चल रही है। वहां एक्साइज रेवेन्यू (आबकारी राजस्व) 6,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,000 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने दावा किया कि अगर एलजी और भाजपा ने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो दिल्ली का राजस्व कम से कम 15,000 करोड़ रुपये होता। भाजपा की राजनीति और "मनोहर कहानी" के चक्कर में दिल्ली की जनता का बड़ा नुकसान हुआ है। यह पैसा स्कूलों, अस्पतालों और अन्य जनहित के कार्यों में इस्तेमाल हो सकता था, लेकिन अब इसका लाभ शराब माफिया उठा रहे हैं।
क्या दिल्ली के बदले हालात
सिसौदिया ने सीएम रेखा गुप्ता के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस राजनीति को झेला है, लेकिन अंततः नुकसान दिल्ली की जनता का ही हुआ है। कहा कि आम आदमी पार्टी ने पिछले 12 वर्षों में काम नहीं किया, इसलिए रेखा गुप्ता जनता के लिए काम कर रही हैं और परिणाम देंगी। उन्होंने टिप्पणी की कि विपक्षी हर बात के लिए 'केजरीवाल' का नाम लेते रहते हैं (जैसे यमुना, स्कूल, अस्पताल, दवाई आदि), लेकिन अब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हैं।
सिसौदिया ने सलाह दी कि केवल 'केजरीवाल' नाम का मंत्र जपने से बेड़ा पार नहीं होगा। जनता के लिए काम करके दिखाना पड़ेगा, जैसे वह बेटियों को साइकिल दे रही हैं, तभी लोग उन्हें अपनी मुख्यमंत्री मानेंगे।
सिसौदिया ने कहा कि वह दिल्ली के रहने वाले हैं और यहां के लोगों ने उन्हें जो प्यार और सम्मान दिया है, उसका ऋण वे सात जन्मों में भी नहीं चुका सकते। हालांकि वे अभी पंजाब में काम कर रहे हैं, लेकिन वे हफ्ते में दो दिन दिल्ली के लोगों और अपनी टीम से मिलते हैं।
सिसौदिया ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महिलाओं के खाते में ₹2500 महीने देने के वादे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 8 मार्च 2025 की समय सीमा और उसके बाद 2026 भी निकल गया, लेकिन पैसा नहीं मिला और अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इसे मोदी जी का वादा बताकर पल्ला झाड़ रही हैं। सिसौदिया ने आरोप लगाया कि बजट में पैसा रखना लेकिन उसे महिलाओं के खाते में न डालना "चोरी" है।
दिल्ली पर चढ़ेगा 2000 करोड़ का कर्ज
उन्होंने यह भी कहा कि रेखा गुप्ता की सरकार अपनी सत्ता और भ्रष्टाचार के लिए दिल्ली के लोगों पर 2000 करोड़ का कर्ज चढ़ा रही है, जबकि दिल्ली की सरकार हमेशा मुनाफे में रही है और कभी कर्ज नहीं लिया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली की कई समस्याओं को गिनाया, जैसे यमुना का साफ न होना, प्रदूषण, बिजली के बढ़ते रेट और प्राइवेट स्कूलों की दोगुनी फीस। उन्होंने तंज कसा कि जब भी सरकार से काम का हिसाब मांगा जाता है, तो उनका एक ही जवाब होता है— "केजरीवाल खराब है।
सिसौदिया ने दावा कि 'आम आदमी पार्टी' ने 25,000 करोड़ से बजट शुरू किया था और उसे बिना किसी कर्ज के 78,000 करोड़ तक पहुंचाया था। लेकिन वर्तमान सरकार 1 लाख करोड़ का बजट बताकर अंततः कर्ज का सहारा ले रही है।
सिसौदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी एक कट्टर ईमानदार पार्टी है और इसी सिद्धांत पर इसका जन्म हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने किसी भी विधायक या मंत्री के भ्रष्टाचार को लेकर "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाती है। जब उनसे पंजाब में मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पार्टी में अलग-अलग क्षेत्रों से लोग आते हैं और हालांकि वे उनका ट्रैक रिकॉर्ड देखते हैं, लेकिन किसी का मन कभी भी डोल सकता है। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी तब गलत होती जब वे उन आरोपियों को बचाने (सेफ करने) या उनके कार्यों को जस्टिफाई करने की कोशिश करते।
बीजेपी की 'वॉशिंग मशीन' पर तंज
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि वे 'वॉशिंग मशीन' की तरह देश भर के भ्रष्ट लोगों को अपनी पार्टी में शामिल करके उन्हें "साफ" नहीं करते। इसके विपरीत, आम आदमी पार्टी का सिद्धांत यह है कि यदि उनकी पार्टी का कोई भी व्यक्ति (विधायक या मंत्री) भ्रष्टाचार करेगा और उसके खिलाफ सबूत मिलते हैं, तो उसे जेल भेजा जाएगा सिसौदिया ने कहा कि अरविंद केजरीवाल भ्रष्टाचार के मामले में किसी को नहीं बख्शते, चाहे वह दिल्ली में हो या कहीं और उनकी ताकत इसी में है कि कोई भी भ्रष्ट व्यक्ति सत्ता या पार्टी में बना नहीं रह सकता।
