Times Now Summit 2026: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को टाइम्स नाउ समिट 2026 में खुद को किसान करार दिया। उन्होंने कहा कि मैं महज कृषि मंत्री नहीं हूं, बल्कि किसान हूं और वो भी ओरिजनल किसान हूं। मैंने हल और ट्रैक्टर चलाए, ओराई की है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
'मैं आज भी करता हूं खेती'
शिवराज सिंह चौहान ने टाइम्स नेटवर्क के सुशांत सिन्हा के भोपाल याद आने वाले सवाल पर चुटकीले अंदाज में कहा कि हम जहां जाते हैं, वहां के हो जाते हैं, जो भी प्यार से मिला, हम उसी के हो लिए। उन्होंने कहा, ''मैं महज कृषि मंत्री नहीं हूं, बल्कि किसान हूं और वो भी ओरिजनल किसान हूं। मैंने हल और ट्रैक्टर चलाए, ओराई की है.. और आज भी खेती कर रहा हूं। मैं ऐसा किसान नहीं हूं, जो गांव, खेत या सड़कों की धूल नहीं देखी है... दिल्ली के कृषि भवन में बैठकर आप खेती-किसानी के कल्याण की बात नहीं कर सकते हैं।''
किसानों के बीच रहते हैं शिवराज सिंह चौहान
कृषि मंत्री ने आगे कहा कि मैं खेती जीता हूं और किसानों के बीच रहता हूं और जो अच्छे प्रयोग होते हैं, उनके बारे में किसानों को बताता भी हूं। इस दौरान, उन्होंने अपने वाराणसी दौरे का भी जिक्र किया, जहां उन्होंने एक ही पेड़ पर आलू और टमाटर की पैदावार देखी।
'PM मोदी ने जब आपको कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी दी तो उन्होंने आपसे कुछ कहा था?' इस सवाल पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ''PM का जिम्मेदारी देने का मतलब है- काम करो। और 2014 से ही काम हो रहा है। अगर खेती-बाड़ी के बारे में देखें तो हमारे 3 लक्ष्य हैं। पहला- फूड सिक्योरिटी, दूसरा- किसानों की आजीविका और तीसरा- पोषण सुरक्षा। इसके लिए हमारी सरकार का विजन है और इसके लिए हम काम कर रहे हैं।''
LoP को दी थी अहम सलाह
इस दौरान, शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने एक बार संसद में राहुल गांधी को सलाह दी थी कि हर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करना उनकी छवि के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि आलोचना होनी चाहिए और लोकतंत्र में स्वस्थ आलोचना का स्वागत है। मैं तो कहता हूं कि निंदक नियरे राखिए, आंगन कुटी छवाय, बिन पानी, साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय, लेकिन आप तो महज विरोध के लिए विरोध करते हैं।
शिवराज ने राहुल पर कसा तंज
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर राहुल गांधी की आलोचना के सवाल पर शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते हुए कहा, '' उन्होंने मोहब्बत की दुकान खोली थी। अब आज कल 'मोहब्बत की दुकान' में नफरत का सामान बेचते हैं... मैं किसी को विरोधी नहीं मानता और उनको मित्र और भाई मानता हूं, लेकिन उनका ऐसा निगेटिव माइंडसेट है कि हम हर चीज का विरोध करेंगे।''
उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि बताते हुए अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान का किस्सा साझा किया। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री था और उस वक्त अमेरिका गया था। वहां पर मुझसे सवाल किया गया कि आपके प्रधानमंत्री अंडरअचीवर हैं। उस पर मैंने कहा- वो भारत के प्रधानमंत्री हैं और वो हमारा गर्व हैं। भारत के प्रधानमंत्री अंडरअचीवर नहीं हो सकते हैं, लेकिन आजकल विरोध का माइंडसेट बना हुआ हूं।
'पूरी दुनिया में है परेशानी'
पश्चिम एशिया युद्ध में हम बीच में फंस गए हैं? से जुड़े सवाल पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ''जब भी युद्ध होता है सारी दुनिया के लिए संकट होता है। उसका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष असर हर एक देश पर पड़ता है। मैं यह बिल्कुल नहीं कहूंगा कि कोई दिक्कत नहीं है। परेशानी है और पूरी दुनिया में है, लेकिन हमने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सारी योजनाएं बनाई हैं।''
उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार के पास फर्टिलाइजर का पर्याप्त स्टाक है। हमें अभी कोई चिंता नहीं है और आगे कैसे पर्याप्त बना रहे? उसके लिए हम लोग योजना बना रहे हैं... उन्होंने कहा कि संकट है, लेकिन संकट में जो रास्ता निकाले वही नेता है। इस संकट में मनोबल गिराने की जरूरत नहीं है। मैं किसानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि कोई चिंता न करें।
