हर अखबार के साथ एक बीज, 75 लाख पेड़ लगाने का अनूठा अभियान

दैनिक भास्कर ने एक विशेष तकनीक से 'बीज वाला अखबार' तैयार किया है। पाठक इसे पढ़ने के बाद रद्दी में फेंकने के बजाय गमले या मिट्टी में दबाकर आसानी से पौधा उगा सकते हैं।

क्या आपने कभी कल्पना की है कि सुबह की चाय के साथ जिस अखबार को आप पढ़ते हैं, उसे रद्दी में फेंकने के बजाय अगर आप गमले में दबा दें, तो उसमें से एक खूबसूरत हरा-भरा पौधा निकल आए? यह कोई जादुई कहानी नहीं, बल्कि एक हकीकत है। मीडिया जगत में अपने अनोखे प्रयोगों के लिए पहचाने जाने वाला समाचार पत्र 'दैनिक भास्कर' हर साल अपने पाठकों के लिए एक ऐसा ही विशेष पर्यावरण अंक लेकर आता है, जो अपने साथ नए जीवन के बीज लेकर आता है।

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दैनिक भास्कर का 75 लाख पेड़ लगाने का महाभियान

'बीज वाला अखबार'

इस अनोखे अखबार को तैयार करने के लिए एक बेहद खास और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस स्पेशल टेक्नोलॉजी के माध्यम से अखबार के निर्माण के समय ही उसके कागज में अलग-अलग पौधों के बीजों को मिला दिया जाता है। इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है कि प्रिंटिंग की प्रक्रिया में बीजों को कोई नुकसान न पहुंचे और उनकी अंकुरण क्षमता बनी रहे।

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