Oshisha News: ओडिशा में मानवता को झकझोरने वाली एक और खबर सामने आई है। ओडिशा के कालाहांडी में सड़क संपर्क की कमी के कारण एक गर्भवती महिला को चारपाई पर लिटाकर अस्पताल ले जाया गया। वीडियो में देखा जा सकता है कैसे कुछ लोग गर्भवत महिला को चारपाई पर लिटाकर अस्पताल ले जा रहे हैं। दो पुरुष चारपाई को रस्सी से बांधकर कंधे पर ढो रहे हैं और साथ में दो महिलाएं भी चल रही हैं। गर्भवती महिला दर्द से तड़प रही है। ये दृश्य साफ तौर पर सरकारी व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहा है। यह घटना बताती है कि दूरदराज के लोगों को आज भी मूलभूत जरूरतों के लिए कितना तरसना पड़ता है।ओडिशा में इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं। अक्सर इस तरह के दृश्य देखे जा सकते हैं जहां पीड़ितों को सड़क संपर्क या साधनों के अभाव में इसी तरह चारपाई पर लेकर अस्पताल ले जाया जाता है।
चारपाई पर गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाते लोग
बहन के कंकाल को बैंक ले गई शख्स
कुछ दिनों पहले ही इसी तरह के एक मामले में एक आदिवासी व्यक्ति द्वारा अपनी बहन की मृत्यु साबित करने के लिए उसके कंकाल को बैंक ले जाने का दृष्य सामने आया था। इस तरह के हताश और परेशान करने वाले कृत्य के पीछे व्यवस्थागत विफलताओं का संकेत मिला था। बैंक द्वारा व्यक्ति को उसकी बहन की मृत्यु का प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए कहे जाने पर, क्योंझर जिले के पटना ब्लॉक के डियानानाली गांव के जीतू मुंडा 27 अप्रैल, 2026 को अपनी बहन का शव कब्र से निकाला और कंकाल को अपने कंधे पर उठाकर बैंक ले गया। मुंडा दो महीने पहले मृत हुई कलारा मुंडा के खाते में जमा 19,300 रुपये निकालना चाहता था।
ऑनलाइन वायरल हुए इस भयावह दृश्य ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया, जिसके एक दिन बाद क्योंझर प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मृतक के खाते से पैसे निकालने के लिए आवश्यक मृत्यु प्रमाण पत्र और कानूनी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए। बैंक ने 28 अप्रैल, 2026 को एक ही दिन में श्री मुंडा के घर पर राशि सौंप दी थी।
ओडिशा सरकार द्वारा घोषित जांच का नेतृत्व कर रहे राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी) संग्राम केशरी मोहपात्रा ने कहा, मैंने क्योंझर के जिला कलेक्टर के साथ मिलकर 27 अप्रैल, 2026 को ओडिशा ग्रामीण बैंक की मलिपासी शाखा में हुई बैंकिंग गतिविधियों की एक घंटे की सीसीटीवी फुटेज का अध्ययन किया। इससे बैंक अधिकारियों की लापरवाही उजागर होती है।
