खत्म हो गया भोपाल गैस त्रासदी का काला अध्याय, यूनियन कार्बाइड कारखाने का 337 टन कचरा खाक

भोपाल में दो और तीन दिसंबर 1984 की दरमियानी रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से अत्यधिक जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट का रिसाव हुआ था। इससे कम से कम 5,479 लोग मारे गए थे और हजारों लोग अपंग हो गए थे। इसे दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदाओं में गिना जाता है।

मध्यप्रदेश के पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड कारखाने के बचा हुआ कुल 337 टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान कर दिया गया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार की गई, ताकि भोपाल गैस त्रासदी के लिए जिम्मेदार इस औद्योगिक इकाई के खतरनाक अवशेषों से प्रदेश और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा मिल सके।

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यूनियन कार्बाइड कारखाने का 337 टन कचरा जलाया गया (फाइल फोटो)

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