Itanagar Suicide Case: 23 अक्टूबर को ईटानगर के पास लेखी गांव में एक 19 वर्षीय युवक के सुसाइड मामले ने तूल पकड़ लिया है। युवक अपने किराए के मकान में मृत पाया गया था। उसके पास एक सुसाइड नोट था जिसमें दो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों पर लंबे समय से यौन शोषण और उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। मृतक, जिसकी पहचान गोमचू येकर के रूप में हुई है, सुबह करीब 11 बजे अपने कमरे में मृत मिला था। पुलिस ने निरजुली पुलिस स्टेशन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है।
ईटानगर युवक आत्महत्या मामले ने पकड़ा तूल (iStock)
जानिए अधिकारियों पर क्या-क्या आरोप लगे
पीड़ित के पिता तागोम येकर ने आईएएस अधिकारी और पूर्व उपायुक्त तालो पोटोम और ग्रामीण निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता लिकवांग लोवांग के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गोमचू को दोनों अधिकारियों द्वारा लगातार परेशान, जबरदस्ती और यौन शोषण का सामना करना पड़ा। सुसाइड नोट में कथित तौर पर यौन शोषण, हेरफेर और ब्लैकमेल के गंभीर आरोप हैं। येकर ने लिखा कि एक आरोपी ने उसे नौकरी का प्रस्ताव दिया था, जिसके बाद उसे जबरन एक रिश्ते में धकेल दिया गया और बाद में उसने खुद को बेसहारा पाया। उसने यह भी दावा किया कि उसे एचआईवी हो गया था और आरोप लगाया कि बाद में उसे छोड़ दिया गया और धमकाया गया।
नोट में ₹1 करोड़ की आर्थिक मदद के अधूरे वादों और दुर्व्यवहार का खुलासा करने पर उसकी जिदगी बर्बाद करने की बार-बार दी गई धमकियों का जिक्र है। एक नोट में लिखा है, "अगर मेरी मौत होती है, तो उसकी वजह वही होंगे। कृपया मुझे इंसाफ दिलाएं।" एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में सुसाइड नोट में नामजद इंजीनियर लिकवांग लोवांग ने घटना के प्रकाश में आने के कुछ ही घंटों बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
निरजुली पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक तालुम नेकम ने पुष्टि की कि जांच चल रही है और कहा कि आगे की जानकारी 24 अक्टूबर को साझा की जाएगी। इस घटना ने पूरे अरुणाचल प्रदेश में आक्रोश पैदा कर दिया है, और वरिष्ठ अधिकारियों के आचरण और कार्यस्थल पर शोषण के लिए सत्ता के कथित दुरुपयोग पर गंभीर चिंताएं जताई हैं।
