गरीब सवर्णों को 10% EWS आरक्षणः SC की हरी झंडी, जानें- 5 जजों में किसने लिया पक्ष और किसने किया विरोध?

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 7, 2022, 11:56 AM IST

उच्चतम न्यायालय ने दो के मुकाबले तीन मतों के बहुमत से सुनाए गए फैसले में दाखिलों और सरकारी नौकरियों में ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाले 103वें संविधान संशोधन की वैधता को बरकरार रखा।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की पांच-न्यायाधीशों की बेंच ने संविधान के 103 वें संशोधन अधिनियम 2019 (Constitution's 103rd Amendment Act 2019) की वैधता को बरकरार रखा, जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 10% EWS आरक्षण (शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में 10% EWS Reservation) दिया गया है। सोमवार (सात नवंबर, 2022) को यह फैसला तीन-दो से आया है। पांच जजों वाली बेंच में तीन जस्टिस अधिनियम को बरकरार रखने के पक्ष में रहे, जबकि सीजेआई यूयू ललित समेत दो न्यायाधीश ने इसपर असहमति जताई।

sc on ews reservation

सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों की बेंच ने संविधान के 103 वें संशोधन अधिनियम 2019 की वैधता को बरकरार रखा, जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 10% EWS आरक्षण प्रदान किया गया है।

टॉप कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन नहीं करता है। सुनवाई की शुरुआत में सीजेआई ने कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर चार विभिन्न फैसले हैं।

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