क्या होता है हीमोफीलिया, 17 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है World Hemophilia Day, जानें इतिहास और 2025 की थीम

World Hemophilia Day 2025: हर साल 17 अप्रैल को दुनियाभर में विश्व हीमोफीलिया दिवस मनाया जाता है। हीमोफीलिया एक गंभीर बीमारी है, जिसको लेकर लोगों के बीच इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच और सही इलाज को लेकर जागरूक करना बहुत आवश्यक है। इससे काफी हद तक इसे कंट्रोल किया जा सकता है। वर्ल्ड हीमोफीलिया डे हमें ये याद दिलाने का दिन है कि सभी को चाहे वो पुरुष हों, महिलाएं हों या बच्चे सही इलाज और समर्थन मिलना चाहिए। यहां जानें इसका इतिहास, महत्व और 2025 की थीम।

World Hemophilia Day 2025: क्या आपने कभी किसी ऐसे व्यक्ति को देखा है जिसे जरा सी चोट लगने पर खून रुकता ही नहीं? अगर हां, तो हो सकता है वह हीमोफीलिया नाम की बीमारी से पीड़ित हो। हीमोफीलिया कोई आम बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक दुर्लभ और गंभीर आनुवांशिक समस्या है, जिसमें शरीर खून को थक्का नहीं बना पाता। यानी किसी को मामूली कट या चोट भी जिंदगी के लिए खतरा बन सकती है। हर साल 17 अप्रैल को वर्ल्ड हीमोफीलिया डे मनाया जाता है, ताकि लोगों में इस बीमारी को लेकर जागरूकता फैलाई जा सके। इस दिन का खास मकसद है इससे जूझ रहे लोगों को सही इलाज, समर्थन और समाज में एक बेहतर स्थान दिलाना।

What Is Hemophilia In Hindi

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क्या होता है हीमोफीलिया - What Is Hemophilia In Hindi

हीमोफीलिया एक जेनेटिक (आनुवंशिक) बीमारी है, जिसमें शरीर में खून जमाने वाला एक जरूरी प्रोटीन यानी ‘क्लॉटिंग फैक्टर’ की कमी हो जाती है। जब ये फैक्टर नहीं होते, तो शरीर चोट लगने पर खून रोक नहीं पाता। कई बार यह समस्या अंदरूनी रूप से भी होती है जैसे जोड़ों या मांसपेशियों में खून बहना। पुरुषों में यह बीमारी ज्यादा पाई जाती है, लेकिन महिलाएं इसकी वाहक होती हैं।

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