Fragrance Sensitivity : क्या खूशबूदार चीजों को सूखने के बाद आपको काफी तेज सिरदर्द होता है? अगर हां, तो इसके पीछे की वजह फ्रेगरेंस सेंसटिविटी हो सकती है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें खुशबूदार चीजों को सूंघने पर सिरदर्द, रैशेज, स्किन एलर्जी, छींकें आना जैसी परेशानियां होने लगती है। ऐसे में आपको अक्सर खुशबूदार चीजों से दूर करने की सलाह दी जाती है। फ्रेगरेंस सेंसटिविटी की वजह से न सिर्फ सिरदर्द होता है, बल्कि इसकी वजह से आंखों में भी परेशानी होने लग सकती है। यह परेशानी मुख्य रूप से परफ्यूम, फूल, अगरबत्ती और सिगरेट के धुएं जैसी गंधों से ट्रिगर हो सकती है। खुशबू के प्रति संवेदनशीलता किसी को भी हो सकती है लेकिन अगर आपको अस्थमा या एलर्जी है तो इसकी संभावना अधिक होती है। आइए जानते हैं इस बारे में-
परफ्यूम से सिर में दर्द की समस्या
फ्रेगरेंस सेंसटिविटी के लक्षण
फ्रेगरेंस सेंसटिविटी के लक्षण आमतौर पर खुशबूदार चीजों के संपर्क में आने के कुछ मिनटों बाद की ट्रिगर होने लगते हैं। हालांकि, कई बार कुछ घंटे बाद भी आपको इसके लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे-
- नाक में गुदगुदी महसूस होना
- नासिका मार्ग में जलन होना
- आंखों से पानी आना, खुजली होना या फिर लाल दिखाई देना
- सूखी खांसी और छींक आने की परेशानी
- सिर दर्द और नाक बंद होना, इत्यादि लक्षण नजर आ सकते हैं।
- परफ्यूम
- बॉडी लोशन
- साबुन
- पाउडर
- हवाएं चलने पर आने वाली खुशबू
- सिगरेट का धुंआ
- फूड
- डिटर्जेंट या फैब्रिक सॉफ्टनर, इत्यादि के कारण यह परेशानी हो सकती है।
फ्रेगरेंस सेंसटिविटी का उपचार
अगर आपको फ्रेगरेंस सेंसटिविटी की परेशानी है तो आपको खुशबूदार या फिर एलर्जी ट्रिगर करने वाली चीजों से बचने की जरूरत है। खासतौर पर आप बिना खुशबूवाले साबुन, लोशन इत्यादि का प्रयोग करें। वहीं, सजाने के लिए आपको नकली फूलों का प्रयोग करना चाहिए।
अगर आपके घर में कोई व्यक्ति सिगरेट पीता है, तो उन्हें बाहर जाकर पीने की सलाह दें या फिर आप ऐसे व्यक्ति से दूर रहें। ताकि खुशबूदार चीजों से प्रभाव में कम आ सकें।
इसके साथ ही ऐसे मामलों में जहां आप जोखिम से बच नहीं सकते (या जब लक्षण लगातार बने रहते हैं), तो इस स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क की जरूरत होती है। इस स्थिति में डॉक्टर आपको कुछ एलर्जी की दवाएं देता है, जिससे आपकी स्थिति में सुधार किया जा सके।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
