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Strong Bones in Children: सिर्फ कैल्शियम से नहीं बनतीं बच्चों की मजबूत हड्डियां, डॉक्टर से जानें किन चीजों की है जरूरत

Strong Bones in Children: बच्चों की हड्डियां मजबूत बनाने के लिए सिर्फ कैल्शियम काफी नहीं है। World Osteoporosis Day पर जानें विटामिन D के साथ प्रोटीन, एक्सरसाइज और नींद क्यों जरूरी हैं।

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कैल्शियम से आगे भी कहानी है... बच्चों की मजबूत हड्डियों के लिए और क्या करें (AI Image)

Strong Bones in Children: बच्चों की हड्डियां मजबूत बनाने के लिए सिर्फ दूध पिलाना या कैल्शियम देना काफी नहीं है। विटामिन D, प्रोटीन, खेलकूद, अच्छी नींद और हार्मोन का संतुलन भी जरूरी है। जानिए बचपन से युवावस्था तक हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बच्चों की हड्डियां मजबूत बनाने की बात आती है तो सबसे पहले दूध और कैल्शियम का नाम लिया जाता है। माता-पिता भी अक्सर इस बात पर ध्यान देते हैं कि बच्चा रोज कितना दूध पी रहा है। लेकिन क्या सिर्फ कैल्शियम से हड्डियां मजबूत हो सकती हैं? इसका जवाब है, नहीं। हड्डियों की अच्छी सेहत के लिए कैल्शियम के साथ कई दूसरे पोषक तत्व और रोजमर्रा की अच्छी आदतें भी जरूरी हैं।

डॉ. मनोज पद्मन (डायरेक्टर – पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स, मधुकर रेनबो चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल) कहते हैं कि बचपन से लेकर किशोरावस्था और युवावस्था के शुरुआती वर्षों तक हड्डियों का विकास तेजी से होता है। इस दौरान हड्डियों में मिनरल्स जमा होते हैं, जो उन्हें मजबूती देते हैं। यही वजह है कि इस उम्र में खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

मजबूत हड्डियों के लिए कैल्शियम के साथ विटामिन D, प्रोटीन, नियमित शारीरिक गतिविधि, हार्मोन का संतुलन और पर्याप्त नींद भी अहम भूमिका निभाते हैं।

बच्चों की हड्डियों के लिए सिर्फ कैल्शियम क्यों काफी नहीं है

कैल्शियम हड्डियों का एक प्रमुख मिनरल है। यह हड्डियों को मजबूती देने और उनके सही विकास में मदद करता है। खासकर प्यूबर्टी यानी किशोरावस्था में शरीर को इसकी अधिक जरूरत होती है, क्योंकि इस दौरान हड्डियां तेजी से बढ़ती हैं।

लेकिन अगर बच्चे के शरीर में विटामिन D या प्रोटीन की कमी है, तो केवल कैल्शियम से सभी जरूरतें पूरी नहीं हो सकतीं। इसके अलावा कुछ बीमारियां और हार्मोन से जुड़ी समस्याएं भी हड्डियों के विकास को प्रभावित कर सकती हैं।

विटामिन D की कमी से बच्चों की हड्डियों पर क्या असर पड़ता है

विटामिन D शरीर को कैल्शियम सोखने में मदद करता है। यह कैल्शियम और फॉस्फेट का सही संतुलन बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।

डॉ. मनोज पद्मन बताते हैं कि विटामिन D की गंभीर कमी से बच्चों में रिकेट्स नाम की बीमारी हो सकती है। इसमें हड्डियां ठीक से मजबूत नहीं बन पातीं और कुछ मामलों में पैरों की हड्डियां टेढ़ी होने जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं।

इसलिए बच्चों की डाइट में कैल्शियम के साथ विटामिन D का ध्यान रखना भी जरूरी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर इसकी कमी की जांच और उपचार की सलाह दे सकते हैं।

हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए प्रोटीन भी है जरूरी

प्रोटीन सिर्फ मांसपेशियां बनाने के लिए नहीं, बल्कि हड्डियों के विकास के लिए भी जरूरी है। यह हड्डियों की संरचना को मजबूत आधार देता है और शरीर की ग्रोथ में मदद करता है।

बच्चों की डाइट में दूध, दही, पनीर, दालें, राजमा, छोले, सोयाबीन, मेवे और बीज जैसी चीजें शामिल की जा सकती हैं। अंडे खाने वाले बच्चों के लिए अंडे भी प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। ध्यान रहे कि बच्चे को पर्याप्त और संतुलित भोजन मिलना चाहिए। केवल एक या दो चीजें खिलाने से पोषण की सभी जरूरतें पूरी नहीं होतीं।

दौड़ना, कूदना और खेलना हड्डियों को कैसे मजबूत बनाता है

आजकल कई बच्चे पढ़ाई, मोबाइल और स्क्रीन के कारण लंबे समय तक बैठे रहते हैं। लेकिन हड्डियों की मजबूती के लिए शारीरिक गतिविधि बहुत जरूरी है।

डॉ. मनोज पद्मन के अनुसार, हड्डियां उन पर पड़ने वाले शारीरिक दबाव के अनुसार खुद को मजबूत बनाती हैं। दौड़ना, कूदना, डांस करना और खेलकूद जैसी गतिविधियां हड्डियों के विकास में मदद कर सकती हैं।

किशोरों और युवाओं के लिए उम्र और क्षमता के अनुसार मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज भी फायदेमंद हो सकती हैं। हालांकि, वेट ट्रेनिंग जैसी गतिविधियां सही तकनीक और उचित निगरानी में करनी चाहिए।

बच्चों की हड्डियों के विकास में हार्मोन की क्या भूमिका है

हड्डियों की ग्रोथ में शरीर के हार्मोन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खासकर प्यूबर्टी के दौरान हार्मोन में होने वाले बदलाव हड्डियों को मजबूती देने में मदद करते हैं।

अगर किसी बच्चे में प्यूबर्टी देर से शुरू होती है या हार्मोन से जुड़ी कोई समस्या है, तो इसका असर हड्डियों के विकास पर भी पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में सिर्फ खानपान बदलना काफी नहीं होता। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

क्या कम नींद लेने से भी हड्डियों का विकास प्रभावित होता है

अच्छी नींद बच्चों के शारीरिक विकास और संपूर्ण सेहत के लिए जरूरी है। लगातार पर्याप्त नींद न लेने से शरीर के विकास और स्वस्थ दिनचर्या पर असर पड़ सकता है।

इसलिए बच्चों को समय पर सोने और जागने की आदत डालनी चाहिए। पढ़ाई और खेलकूद के साथ आराम के लिए भी पर्याप्त समय मिलना जरूरी है। हालांकि, केवल पर्याप्त नींद लेने से हड्डियों से जुड़ी सभी बीमारियों से बचाव नहीं किया जा सकता।

कौन-सी आदतें कम उम्र में हड्डियों को कमजोर कर सकती हैं

डॉ. मनोज पद्मन के अनुसार, बच्चों और युवाओं में कुछ आदतें हड्डियों की सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं। इनमें जरूरत से कम खाना, बहुत सख्त डाइटिंग करना, लंबे समय तक शारीरिक रूप से एक्टिव न रहना और पोषक तत्वों की कमी शामिल हैं।

खासकर खेलकूद में सक्रिय किशोरों को अपनी शारीरिक जरूरत के अनुसार पर्याप्त भोजन लेना चाहिए। बहुत अधिक एक्सरसाइज और कम कैलोरी लेने से हड्डियों का विकास प्रभावित हो सकता है।

इसके अलावा धूम्रपान, तंबाकू और शराब का सेवन भी युवाओं की हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकता है। लंबे समय तक कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवाओं का इस्तेमाल भी हड्डियों की मजबूती को प्रभावित कर सकता है। ऐसी दवाएं डॉक्टर की सलाह के बिना बंद नहीं करनी चाहिए।

क्या हर बच्चे को कैल्शियम और विटामिन D के सप्लीमेंट देने चाहिए

कई माता-पिता बच्चों की हड्डियां मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम और विटामिन D के सप्लीमेंट देना शुरू कर देते हैं। लेकिन हर बच्चे को इनकी जरूरत नहीं होती।

डॉक्टर के अनुसार, बच्चों को जरूरी पोषक तत्व भोजन से मिलें, यह प्राथमिकता होनी चाहिए। सप्लीमेंट की जरूरत तब पड़ सकती है, जब डाइट से पर्याप्त पोषण नहीं मिल रहा हो या किसी पोषक तत्व की कमी की पुष्टि हुई हो।

बिना डॉक्टर की सलाह के जरूरत से ज्यादा कैल्शियम या विटामिन D देना नुकसानदायक हो सकता है। अगर बच्चे को बार-बार फ्रैक्चर हो रहा है, उसका खानपान बहुत सीमित है या पोषक तत्वों के अवशोषण से जुड़ी कोई बीमारी है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

बच्चों की हड्डियां मजबूत बनाने के लिए क्या करें

मजबूत हड्डियां एक दिन में नहीं बनतीं। इसके लिए बचपन से ही अच्छी आदतें अपनाना जरूरी है। बच्चों को संतुलित भोजन दें, उनकी डाइट में कैल्शियम और प्रोटीन के स्रोत शामिल करें, विटामिन D की जरूरत का ध्यान रखें और रोजाना खेलने-कूदने के लिए प्रोत्साहित करें।

इसके साथ पर्याप्त नींद और समय पर स्वास्थ्य जांच भी जरूरी है। हड्डियों से जुड़ी किसी समस्या या बार-बार फ्रैक्चर होने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कैल्शियम हड्डियों की मजबूती का अहम हिस्सा है, लेकिन यह पूरी कहानी नहीं है। सही पोषण, नियमित शारीरिक गतिविधि, हार्मोन का संतुलन और अच्छी जीवनशैली मिलकर हड्डियों के बेहतर विकास में मदद करते हैं। बचपन से इन आदतों पर ध्यान देने से आगे चलकर हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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