Nighttime Acidity and Heartburn Remedies: रात को खाना खाने के बाद सब ठीक लगता है, लेकिन जैसे ही बिस्तर पर लेटते हैं, सीने में जलन शुरू हो जाती है। कभी गले तक खट्टी डकार आती है तो कभी मुंह में कड़वा स्वाद महसूस होता है। कई बार जलन इतनी बढ़ जाती है कि नींद खुल जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो इसकी वजह एसिड रिफ्लक्स (Acid Reflux) हो सकता है। यह पाचन से जुड़ी एक आम समस्या है, लेकिन बार-बार होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
रात में बार-बार एसिडिटी हो तो क्या करें (AI Image)
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सेठी (Dr. Sethi) ने अपने एक वीडियो में बताया है कि रात के समय एसिड रिफ्लक्स क्यों परेशान करता है और किन आसान आदतों को बदलकर इससे राहत पाई जा सकती है। खास बात यह है कि इनमें से कई उपाय आपकी सोने की पोजिशन और रात के खाने से जुड़े हैं।
रात को लेटते ही एसिडिटी क्यों बढ़ जाती है
हमारे पेट में खाना पचाने के लिए एसिड बनता है। आमतौर पर पेट और भोजन नली के बीच मौजूद एक मांसपेशी इस एसिड को ऊपर आने से रोकती है। लेकिन जब यह मांसपेशी ठीक से बंद नहीं होती, तो पेट का एसिड भोजन नली में वापस आने लगता है। इसे एसिड रिफ्लक्स कहते हैं।
दिन में जब हम बैठे या खड़े रहते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण एसिड को पेट में बनाए रखने में मदद करता है। लेकिन लेटने पर यह मदद कम हो जाती है। यही वजह है कि कुछ लोगों को रात में सीने में जलन, खट्टी डकार, गले में जलन या खांसी की शिकायत ज्यादा होती है।
1. बाईं करवट सोने से एसिड रिफ्लक्स में मिल सकती है राहत
डॉ. सेठी के अनुसार, अगर रात में एसिडिटी परेशान करती है तो बाईं करवट सोने की आदत फायदेमंद हो सकती है। दरअसल, हमारे पेट की बनावट ऐसी होती है कि बाईं करवट लेटने पर एसिड का भोजन नली में वापस आना कम हो सकता है। इसके उलट दाईं करवट सोने पर कुछ लोगों में रिफ्लक्स बढ़ सकता है। इसलिए रात में बार-बार सीने में जलन होती है तो सोने की पोजिशन बदलकर देखें।
2. खाना खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर न जाएं
रात में देर से खाना खाना और उसके तुरंत बाद सो जाना एसिड रिफ्लक्स बढ़ने की बड़ी वजह बन सकता है। खासकर जब रात का खाना भारी या ज्यादा मात्रा में खाया गया हो।
डॉ. सेठी सलाह देते हैं कि डिनर और सोने के बीच पर्याप्त अंतर रखें। बेहतर होगा कि सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खाना खा लें। इससे पेट को खाना पचाने का समय मिलता है और लेटने पर एसिड ऊपर आने की आशंका कम हो सकती है।
3. सिर और शरीर का ऊपरी हिस्सा थोड़ा ऊंचा रखकर सोएं
अगर रात में बार-बार खट्टी डकार या सीने में जलन होती है तो सोने का तरीका बदलना मददगार हो सकता है। डॉ. सेठी एसिड रिफ्लक्स के लिए खास वेज पिलो (Wedge Pillow) इस्तेमाल करने की बात करते हैं।
यह तकिया शरीर के ऊपरी हिस्से को ढलान में ऊंचा रखने में मदद करता है। इससे पेट के एसिड का ऊपर आना कम हो सकता है। हालांकि, सिर्फ सिर के नीचे कई तकिए लगाने से वैसा फायदा नहीं मिलता। बेहतर है कि सिर के साथ छाती का ऊपरी हिस्सा भी लगभग 6 से 8 इंच ऊंचा रहे।
4. रात में मसालेदार, खट्टी चीजें और कैफीन कम लें
अगर आपको अक्सर रात में एसिडिटी होती है तो इस बात पर भी ध्यान दें कि आप डिनर में क्या खा रहे हैं। डॉ. सेठी के मुताबिक, मसालेदार भोजन, खट्टी चीजें, कैफीन और शराब कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स बढ़ा सकते हैं। उदाहरण के लिए, रात में बहुत तीखी सब्जी, ज्यादा टमाटर वाली ग्रेवी या सोने से पहले चाय-कॉफी लेने से परेशानी बढ़ सकती है।
हालांकि, हर व्यक्ति के लिए ट्रिगर अलग हो सकते हैं। इसलिए उन चीजों को पहचानें जिन्हें खाने के बाद आपको जलन महसूस होती है। सभी खट्टी या मसालेदार चीजें बिना वजह बंद करने की जरूरत नहीं है।
5. अदरक की चाय से मिल सकता है आराम
डॉ. सेठी ने अपने वीडियो में अदरक की चाय का भी जिक्र किया है। अदरक का इस्तेमाल लंबे समय से पाचन से जुड़ी परेशानियों में किया जाता रहा है। कुछ लोगों को इससे मतली और पेट की बेचैनी में राहत मिल सकती है।
हालांकि, अदरक की चाय एसिड रिफ्लक्स का प्रमाणित इलाज नहीं है। ज्यादा अदरक लेने से कुछ लोगों में जलन बढ़ भी सकती है। अगर इसे आजमाना चाहें तो हल्की, बिना कैफीन वाली अदरक की चाय थोड़ी मात्रा में लें और देखें कि शरीर पर क्या असर होता है।
6. सौंफ का इस्तेमाल भी कर सकते हैं
भारतीय घरों में खाना खाने के बाद सौंफ चबाने की परंपरा पुरानी है। सौंफ का इस्तेमाल गैस और पेट फूलने जैसी परेशानियों के लिए भी किया जाता रहा है।
डॉ. सेठी ने सौंफ को एक घरेलू विकल्प के तौर पर बताया है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि सौंफ से एसिड रिफ्लक्स ठीक होने के मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। अगर सौंफ खाने से आपको आराम महसूस होता है तो सामान्य भोजन वाली मात्रा में इसका सेवन किया जा सकता है, लेकिन इसे दवा का विकल्प न मानें।
7. डिनर के बाद शुगर-फ्री च्युइंग गम चबाएं
एसिड रिफ्लक्स से राहत पाने का एक तरीका च्युइंग गम भी हो सकता है। डॉ. सेठी बताते हैं कि च्युइंग गम चबाने से मुंह में लार ज्यादा बनती है। यह लार भोजन नली में पहुंचे एसिड को साफ करने में मदद कर सकती है।
खाने के बाद थोड़ी देर शुगर-फ्री च्युइंग गम चबाना कुछ लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि, पुदीने वाली च्युइंग गम से कुछ लोगों में रिफ्लक्स बढ़ सकता है। इसलिए नॉन-मिंट विकल्प बेहतर रह सकता है।
रात में बार-बार एसिडिटी हो तो डॉक्टर को कब दिखाएं
कभी-कभार भारी खाना खाने के बाद सीने में जलन होना आम बात हो सकती है। लेकिन अगर हफ्ते में दो या उससे ज्यादा बार ऐसा हो रहा है, नींद खराब हो रही है या लगातार खट्टी डकार आती है तो यह गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) का संकेत हो सकता है।
निगलने में परेशानी, खाना अटकने, लगातार उल्टी, खून आने या बिना वजह वजन घटने पर डॉक्टर से जांच कराएं। वहीं सीने में तेज दर्द के साथ सांस फूलना, पसीना आना या दर्द का बांह अथवा जबड़े तक जाना हार्ट से जुड़ी आपात स्थिति भी हो सकती है। इसे सामान्य एसिडिटी मानकर नजरअंदाज न करें।
